जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी का दौर जारी, 10 जिलों में अलर्ट, 1 फरवरी से भारी हिमपात की चेतावनी

श्रीनगर, ३० जनवरी ।
जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में बर्फबारी जारी है। इस बीच मौसम विभाग ने जल्द ही भारी बर्फबारी के दूसरे दौर की चेतावनी दी है। उधमपुर समेत कई जिलों में 1 फरवरी से बारिश और बर्फबारी के मद्देनजर 10 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, श्रीनगर में न्यूनतम तापमान 1.3 डिग्री सेल्सियस, गुलमर्ग में माइनस 9 डिग्री सेल्सियस और पहलगाम में माइनस 5.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। श्रीनगर में एक महीने से ज्यादा समय बाद न्यूनतम तापमान शून्य से ऊपर दर्ज किया गया। जम्मू शहर में भी मौसम में सुधार हुआ है। जम्मू में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 9.3 डिग्री, कटरा शहर में 8.4 डिग्री, बटोटे में 3.2 डिग्री, बनिहाल में 1.1 डिग्री और भद्रवाह में माइनस 1 डिग्री सेल्सियस रहा। जम्मू-कश्मीर में ज्यादातर बर्फबारी 40 दिन की अवधि में होती है और इस अवधि के आखिरी हफ्ते को छोडक़र घाटी में बहुत ज्यादा बर्फबारी नहीं हुई है। पीने के पानी, सिंचाई वगैरह के लिए पानी की सभी जरूरतें इन 40 दिनों में ऊपरी इलाकों में बारहमासी पानी के जलाशयों में जमा हुई बर्फ की मात्रा पर निर्भर करती हैं, लेकिन घाटी में हाल ही में हुई बर्फबारी से पहले ज्यादातर नदियां, झरने और पानी के दूसरे स्रोत अपने सबसे निचले स्तर पर बह रहे थे। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में एक और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने का अनुमान लगाया है, जिससे 1 फरवरी को कुछ बारिश और बर्फबारी होगी। किसानों को 2 फरवरी तक खेती का काम बंद करने की सलाह दी गई है, जबकि यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों को श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे पर यात्रा करने से पहले ट्रैफिक कंट्रोल रूम से संपर्क करने की सलाह दी गई है। बर्फबारी वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को अगले 75 घंटों तक बहुत जरूरी होने पर ही घर से निकलने की चेतावनी दी गई है।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भूमध्यसागरीय क्षेत्र में एक एक्स्ट्रा ट्रॉपिकल तूफान है जो भारत, पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश में बारिश और बर्फबारी लाता है। इन देशों में रबी की फसल की संभावना वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की गतिविधि पर निर्भर करती है। मौसम के अनुमान को देखते हुएअधिकारियों ने सलाह जारी की है जिसमें यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों से यात्रा शुरू करने से पहले संबंधित ट्रैफिक विभागों से सडक़ों और हाईवे की स्थिति की पुष्टि करने का आग्रह किया गया है। किसानों को खेती के काम रोकने की सलाह दी गई है, जबकि आम जनता को बर्फ से ढके और हिमस्खलन वाले ऊंचे इलाकों में जाने से सावधान किया गया है।

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