सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, नक्सलियों का विशाल डंप बरामद, प्रेशर कुकर IED नष्ट

नारायणपुर। घोर नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। नारायणपुर पुलिस, डीआरजी और 53वीं वाहिनी आईटीबीपी की संयुक्त टीम ने सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों का एक विशाल डंप बरामद किया है। इस कार्रवाई के दौरान आईटीबीपी की बीडीएस (बम डिस्पोजल स्क्वॉड) टीम ने सर्च के दौरान मिले प्रेशर कुकर आईईडी को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर नष्ट किया, जिससे किसी बड़ी घटना को टाल दिया गया। जानकारी के अनुसार, यह संयुक्त सर्च ऑपरेशन ग्राम मडोड़ा से भोटोर के बीच घने और दुर्गम जंगलों में चलाया गया। यह इलाका लंबे समय से नक्सलियों की गतिविधियों और मूवमेंट के लिए जाना जाता रहा है। सुरक्षा बलों को पहले से ही इस क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी और उनके ठहरने की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर ऑपरेशन की योजना बनाई गई। सर्चिंग के दौरान जंगल के भीतर जमीन में छिपाकर रखा गया नक्सलियों का डंप बरामद किया गया। डंप से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग का सामान मिला है।
बरामद सामग्री में बड़ी संख्या में डेटोनेटर, ड्रम, राशन सामग्री, बर्तन, कपड़े और अन्य जरूरी सामान शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि नक्सली इस डंप का उपयोग लंबे समय तक जंगल में ठहरने और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की साजिश के तहत कर रहे थे। सबसे गंभीर बात यह रही कि सर्च के दौरान एक प्रेशर कुकर आईईडी भी मिला, जिसे नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से लगाया गया था। आईटीबीपी की बीडीएस टीम ने अत्यंत सावधानी बरतते हुए आईईडी को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया। समय रहते आईईडी के निष्क्रिय होने से सुरक्षा बलों और आसपास के क्षेत्र को बड़े खतरे से बचा लिया गया। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम हुई है और उनके लॉजिस्टिक नेटवर्क को भी गहरा झटका लगा है। बरामद सामग्री की विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि नक्सलियों के मूवमेंट, सप्लाई रूट और नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारियां जुटाई जा सकें। फिलहाल इलाके में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है। सुरक्षा बलों ने साफ किया है कि नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी रहेगा और क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए ऐसे ऑपरेशन आगे भी किए जाएंगे।

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