
नई दिल्ली। एक नए अंतरराष्ट्रीय शोध में पाया गया है कि मानव बुद्धिमत्ता (इंटेलिजेंस) दिमाग के किसी एक खास हिस्से में सीमित नहीं होती, बल्कि यह पूरे मस्तिष्क की समन्वित कार्यप्रणाली का परिणाम है।
यह निष्कर्ष नेटवर्क न्यूरोसाइंस थ्योरी के समर्थन में सामने आया है, जो मानती है कि दिमाग के अलग-अलग हिस्सों के बीच तालमेल और अनुकूलन क्षमता ही बुद्धिमत्ता की असली पहचान है। यह शोध संकेत देता है कि बुद्धिमत्ता को समझने के लिए अब “दिमाग का कौन-सा हिस्सा” नहीं, बल्कि “दिमाग कैसे संगठित है”, इस पर ध्यान देना होगा।
831 वयस्कों के ब्रेन इमेजिंग का विश्लेषण
यह अध्ययन अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ नोट्रे डेम के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया और प्रतिष्ठित जर्नल नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित हुआ। शोधकर्ताओं ने ह्यूमन कनेक्टोम प्रोजेक्ट के तहत 831 वयस्कों के ब्रेन इमेजिंग और संज्ञानात्मक (काग्निटिव) डाटा का विश्लेषण किया।

































