
आध्यात्मिक पार्क में लोगों का हुआ एकत्रीकरण
कोरबा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आध्यात्मिक ऊर्जा पार्क में महाशिवरात्रि का भव्य आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व कैबिनेट मंत्री जयसिंह अग्रवाल, पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद जी, बी. के. रुक्मणि दीदी, बी. के. बिंदु दीदी उपस्थित रहे । कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों के पारंपरिक स्वागत, तिलक एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। कार्यक्रम में शिव भक्ति से ओत-प्रोत मनमोहक नृत्य, नाटिका एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों एवं युवाओं द्वारा प्रस्तुत शिव महिमा पर आधारित नृत्य एवं अभिनय ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इस अवसर पर बी.के. रचना दीदी ने शिवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य समझाते हुए कहा की महाशिवरात्रि केवल पर्व नहीं, बल्कि आत्म जागृति का संदेश है। परमपिता शिव स्वयं इस धरा पर आकर पतित संसार को पावन बनाते हैं और हमें राजयोग के माध्यम से जीवन जीने की सच्ची कला सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि शिव ही शांति, प्रेम और शक्ति के सागर हैं, जिनकी याद से जीवन में सुख और सफलता आती है। जयसिंह अग्रवाल ने कहा की ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा किए जा रहे आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यों की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा एवं नैतिक मूल्यों का संचार करते हैं। उन्होंने शिवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व को समझते हुए सभी को आत्मचिंतन एवं सङ्कर्म करने की प्रेरणा दी। राजकिशोर प्रसाद ने कहा की आज के भौतिकवादी युग में मनुष्य बाहरी सुखों की दौड़ में आंतरिक शांति खो बैठा है। ऐसे समय में ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा किए जा रहे आध्यात्मिक कार्यक्रम समाज को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिवरात्रि हमें आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश देती है। उन्होंने संस्था की सेवाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहाँ से मिलने वाली शिक्षाएँ व्यक्ति के साथ-साथ पूरे समाज के चरित्र निर्माण में सहायक है
बी. के. रुक्मणि दीदी ने कहा की आज के तनावपूर्ण जीवन में शिव स्मृति ही मानसिक शांति का आधार है। शिवरात्रि हमें अपने अंदर की बुराइयों को त्यागकर दिव्य गुणों को अपनाने की प्रेरणा देती है। उन्होंने सभी को नियमित राजयोग ध्यान करने का संदेश दिया और शिव बाबा से नाता जोडऩे का आह्वान किया।कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से शिव की आराधना की। विशेष आकर्षण के रूप में 12 ज्योतिर्लिंगों की सुंदर झांकी सजाई गई, जो को 15 फरवरी तक रहेगी।






















