झारखंड HC ने पत्नी को गुजारा भत्ता देने का आदेश बरकरार रखा, रांची फैमिली कोर्ट के आदेश को सही ठहराया

रांची। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने पति-पत्नी के बीच चल रहे भरण-पोषण विवाद में फैमिली कोर्ट, रांची के आदेश को सही ठहराते हुए पत्नी को 24 हजार रुपए प्रति माह गुजारा भत्ता देने के निर्देश दिया है।

हाई कोर्ट ने पत्नी द्वारा भरण-पोषण राशि बढ़ाने की मांग तथा पति द्वारा फैमिली कोर्ट के आदेश को निरस्त करने की अपील को खारिज कर दिया। बता दें कि पत्नी ने अदालत में याचिका दाखिल कर कहा था कि उनके पति डॉ. प्रसून कुमार पटना के प्रसिद्ध न्यूरो फिजिशियन हैं और उनकी मासिक आय तीन लाख रुपए अधिक है। इस आधार पर उन्होंने भरण-पोषण राशि बढ़ाकर 60 हजार रुपये प्रति माह करने की मांग की थी। पति ने फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि वह पहले ही पर्याप्त राशि दे चुके हैं और तलाक के फैसले के तहत पत्नी के लिए 20 लाख रुपये का स्थायी गुजारा भत्ता भी जमा कर चुके हैं, इसलिए अतिरिक्त भरण-पोषण का आदेश उचित नहीं है। अदालत ने यह भी माना कि पत्नी के पास आय का कोई स्वतंत्र स्रोत नहीं है और फैमिली कोर्ट ने सभी परिस्थितियों का आकलन कर सही निर्णय दिया है। इन आधारों पर हाई कोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश में किसी प्रकार का हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए दोनों याचिकाएं खारिज कर दीं।

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