अंजनाहिल माइंस आरंभ से पहले ही विवादों में भाजपा नेता प्रदीप सलूजा की पोस्ट ने मचाया बवाल, लोक सुनवाई से पहले दोनों दलों पर पैसे लेने का बड़ा आरोप

चिरमिरी। राजनीति में अक्सर दुश्मन बाहर होते हैं, लेकिन चिरमिरी नगर निगम में इस वक्त एक ऐसी ‘जंग’ छिड़ी है जहाँ लक्ष्मण रेखा घर के अंदर तक खिंच गई है । भाजपा के सक्रिय नेता बड़ा बाजार चिरमिरी निवासी प्रदीप सलूजा द्वारा अपनी ही पार्टी और विपक्ष के पार्षदों पर लगाए गए ‘रिश्वतखोरी’ के आरोपों ने एक ऐसा सियासी बवंडर खड़ा कर दिया है, जिसकी जद में अब उनका अपना ही कुनबा आता दिख रहा है।
यह खबर महज एक शिकायत की नहीं है बल्कि उस विरोधाभास की है जिसने भाजपा के भीतर की दरार को सडक़ पर ला दिया है । प्रदीप सलूजा की पत्नी खुद वर्तमान समय में चिरमिरी के वार्ड क्रमांक 28 बड़ा बाजार से भाजपा की ही टिकट से चुनाव लड़ी और वह पार्षद बनी और पार्टी की रीढ़ भी मानी जाती हैं जो शहर के चर्चित चेहरों में एक बड़ा चेहरा है । लेकिन आज हालात ये हैं कि उनके पति के खिलाफ थाने पहुंचने वालों में भाजपा के अपने ही पार्षद सबसे आगे खड़े हैं । वह भी खुद की पार्टी से निर्वाचित महापौर और सभापति जो पुरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। बीते शुक्रवार को भाजपा नेता प्रदीप सलूजा ने अपने सोशल मीडिया पर दावा किया कि शहर में संचालित होने जा रही अंजनहिल खुली खदान परियोजना के लिए वर्तमान निर्वाचित पार्षदों ने ‘आंख मूंदकर और जेबें भरकर’ समर्थन पर बनाये और उन्हें हस्ताक्षर कर लोक सुनवाई में एसईसीएल चिरमिरी को दिया गया और चिरमिरी के बरतुंगा क्षेत्र के एक पार्षद ने रकम को और अधिक बड़ी करने के लिए अपना विरोध जताया जब राशि अधिक हुई तो उसने भी सबसे पहले समर्थन पत्र दिया।
अब मर्यादा और दलगत राजनीति में छिड़ी जंग
यह खबर महज एक शिकायत की नहीं है, बल्कि उस विरोधाभास की है जिसने भाजपा के भीतर की दरार को सडक़ पर ला दिया है । अब देखना यह होगा की इस मामले में निर्वाचित पार्षद पत्नी अपने पति के साथ पत्नी धर्म निभाती है या जिस पार्टी ने उन्हें यहाँ तक पहुचाया उसके साथ खड़ी होती है लेकिन आज हालात ये हैं कि उनके पति के खिलाफ थाने पहुंचने वालों में भाजपा के अपने ही पार्षद सबसे आगे खड़े हैं। भाजपा नेता के खिलाफ भाजपा के साथ कांग्रेस के ही पार्षदों को एकजुट कर उन्होंने यह संदेश दे दिया है । कि भ्रष्टाचार के आरोपों पर अब ‘आर-पार’ की लड़ाई होगी। हम जनता के प्रतिनिधि हैं किसी की सोशल मीडिया पोस्ट के मोहरे नहीं। अगर प्रदीप सलूजा के पास सबूत हैं तो पेश करें, वरना कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
चिरमिरी की गलियों में सुलगते सवाल ?
क्या यह गुटबाजी का चरम है..? क्या भाजपा के अंदरूनी कलह ने अब इतना विकराल रूप ले लिया है कि मामला थाने तक पहुंच गया? पत्नी की स्थिति अब क्या होगी. एक तरफ पति के खिलाफ मोर्चा, दूसरी तरफ साथ काम करने वाले पार्षद साथी भाजपा की महिला पार्षद के लिए यह अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। भाजपा चिरमिरी मंडल पुरे मामले में मौन-इस पूरे हाई-प्रोफाइल ड्रामे पर भाजपा संगठन का अगला कदम क्या होगा यह देखना दिलचस्प होगा ।

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