
जांजगीर-चांपा। जांजगीर और चांपा के बीच बनाए जाने वाले हाईलेवल ब्रिज को शासन से मंजूरी मिल चुकी है। पुल निर्माण लंबे समय से अवैध कब्जे के कारण अटका हुआ था। लछनपुर क्षेत्र में चिह्नांकित भूमि पर कब्जा होने से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी। शुक्रवार को प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से अवैध कब्जा हटाया और निर्माण के लिए रास्ता साफ किया।
प्रशासन ने लछनपुर मार्ग पर अवैध कब्जा करने वालों को पहले नोटिस जारी कर समय दिया था। सडक़ किनारे लंबे समय से कई दुकानें संचालित हो रही थीं। जानकारी के अनुसार हसदेव नदी पर बनने वाले इस नए हाईलेवल ब्रिज पर लगभग 15 करोड़ रुपए खर्च होंगे। जांजगीर की ओर अवैध कब्जा और भूमि अधिग्रहण ही सबसे बड़ी बाधा थी। अब कब्जा हटाए जाने के बाद सेतु विभाग एप्रोच रोड के लिए उपयुक्त भूमि तलाश रहा है। अवैध कब्जा हटने के बाद टेंडर प्रक्रिया सहित अन्य कार्य आगे बढ़ेंगे, जिसके बाद पुल निर्माण शुरू होगा। नए ब्रिज के साथ सुचारू यातायात व्यवस्था के लिए पहुंच मार्ग भी बनाया जाएगा। इसके लिए आसपास की कुछ शासकीय भूमि से अवैध कब्जा हटाया गया है।
चौड़ाई बढ़ जाने से कम होंगे हादसे: जांजगीर-चांपा के बीच ट्रैफिक का दबाव हर साल बढ़ रहा है। नवरात्र के दौरान गेमन पुल पर जाम की स्थिति बन गई थी। 18 अक्टूबर को गिट्टी से भरा एक ट्रैक्टर पुल की रेलिंग से टकरा गया था, जिससे उसका इंजन पुल से नीचे लटक गया था। ड्राइवर और हेल्पर ने कूदकर जान बचाई थी। पुल पर पहले भी बाइक सवार दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। नया ब्रिज तैयार होने के बाद दुर्घटनाएं कम होने की उम्मीद है।





















