
जांजगीर-चांपा। जिले में सडक़ की बदहाली को लेकर हुए चक्काजाम मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। कोतवाली पुलिस ने विधायक व्यास कश्यप सहित 12 आंदोलनकारियों को गिरफ्तार किया। हालांकि, मामला जमानती होने के कारण सभी को मुचलके पर रिहा कर दिया गया है।
वहीं, गिरफ्तारी को लेकर विधायक ने कहा कि वे किसी भी गिरफ्तारी से डरने वाले नहीं हैं। उन्होने बताया कि जांजगीर-पीथमपुर सडक़ के अलावा नैला ओवरब्रिज सहित कई सडक़ें हैं, जिनके मामले आज भी मंत्रालय में लंबित हैं। यह मामला 30 जून 2024 का है। जब जर्वे-पीथमपुर रोड की जर्जर हालत सुधारने की मांग को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने करीब 6 घंटे तक जांजगीर-चांपा मार्ग को अवरुद्ध कर दिया था। इस दौरान एक एम्बुलेंस को भी रोके जाने का आरोप लगा था।एम्बुलेंस ड्राइवर की रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज किया था। ड्राइवर ने बताया था कि 30 जून को शाम 4 बजे वह एम्बुलेंस से मरीज लेकर अस्पताल जा रहा था, तभी खोखसा ओवरब्रिज पर रास्ता जाम होने के कारण अस्पताल पहुंचने में देरी हुई।इस पर विधायक व्यास कश्यप सहित 12 नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 191(2) और 126(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया था। इसी मामले में कोतवाली पुलिस के हवलदार राकेश तिवारी ने विधायक व्यास कश्यप और 12 अन्य आरोपियों को उनके कार्यालय में गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद सभी को जमानत पर रिहा कर दिया गया। इस मामले में विधायक ने कहा कि जनता के हक और उनकी आवाज की लड़ाई के लिए वे किसी भी गिरफ्तारी से डरने वाले नहीं हैं। मई महीने में धरने के दौरान प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया था कि तय समय में काम होगा, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।
विधायक ने कहा
विधयाक ने दोहराया कि यह जनता का दर्द है और वे जनता के साथ खड़े हैं, चाहे कितनी भी गिरफ्तारियां हों या किसी भी स्तर पर संघर्ष करना पड़े, वे आंदोलन का नेतृत्व करने को तैयार हैं। गिरफ्तारियों से कोई फर्क नहीं पड़ता यह लड़ाई जनता के हित के लिए है। हम लड़ेंगे, जरूरत पड़ी तो खप जाएंगे, लेकिन जनता को उनका हक दिलाकर रहेंगे।




















