चोरी के वाहनों का लोकेशन ऐसे होगा ट्रेस

जांजगीर। किसी वाहन के संदिग्ध लगने पर चोरी के होने के संदेह पर अब पुलिस कंट्रोल रूम या थाने से जानकारी लेने की जरूरत नहीं होगी। पुलिसकर्मी मोबाइल पर सिर्फ एक क्लिक कर वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन नंबर या चेसिस नंबर दर्ज करेंगे और कुछ ही सेकंड में पूरा डेटाबेस सामने होगा।
चोरी के वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण और पुलिस की कार्यप्रणाली को सशक्त बनाने पुलिस विभाग की ओर से सशक्त मोबाइल एप लॉन्च किया गया है। सशक्त एप न केवल नाकाबंदी के दौरान, बल्कि नियमित पेट्रोलिंग के समय भी चोरी के वाहनों की तुरंत पहचान करने में मदद करेगा। एप के माध्यम से राज्य के सभी जिलों में चोरी हुए वाहनों की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। सभी थानों में दर्ज चोरी की गाडिय़ों के रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन नंबर और चेसिस नंबर को सशक्त एप पर अपडेट किया जाएगा। एप की मदद से पुलिस मौके पर ही संदिग्ध वाहन की पहचान कर सकेगी। सशक्त एप चोरी हुए वाहनों के राज्य और राष्ट्रीय स्तर के डेटाबेस से सीधे जुड़ा हुआ है, जिससे फील्ड पर तैनात पुलिसकर्मी तुरंत वाहन से संबंधित जानकारी हासिल कर पाएंगे। सशक्त एप को खास तौर पर फील्ड पर तैनात पुलिसकर्मियों के लिए डिजाइन किया गया है। एप को मोबाइल या टैबलेट पर इंस्टॉल किया जाएगा।
इसके बाद संबंधित पुलिसकर्मी विभागीय लॉगइन आईडी-पासवर्ड से इसमें जुड़ेंगे। लॉगइन के बाद पुलिसकर्मी एप के मेन डैश बोर्ड पर पहुंचेंगे। यहां वाहन सत्यापन से जुड़ी सभी जानकारी उपलब्ध होगी। नाकाबंदी या पेट्रोलिंग के दौरान कोई संदिग्ध वाहन रोका जाएगा, तो पुलिसकर्मी एप पर वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करेगा। कुछ ही सेकंड में एप केंद्रीय डेटाबेस से जुडक़र वाहन की पूरी जानकारी स्क्रीन पर देगा। यदि वाहन चोरी के मामले में दर्ज है, तो एप तुरंत अलर्ट जारी करेगा, जिससे मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी कार्रवाई कर सकेंगे।
सशक्त एप को राष्ट्रीय वाहन डेटाबेस और राज्य स्तर के अपराध रिकॉर्ड से जोड़ा गया है। इसमें थानों में दर्ज चोरी के वाहनों की एफआईआर, जब्त किए गए वाहनों की जानकारी और संदिग्ध वाहनों का रिकॉर्ड अपडेट रहेगा। जैसे ही किसी थाने में चोरी का मामला दर्ज होगा, उसका विवरण एप पर अपडेट हो जाएगा। इससे पुराने डेटा पर निर्भर रहने की समस्या खत्म हो जाएगी।

RO No. 13467/10