
पटना १० फरवरी ।
बिहार विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन भी सदन का माहौल गर्म रहा। विपक्ष ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की। हंगामे, आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बयानबाजी के बीच कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही। मंगलवार को चनपटिया से कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन बिहार सरकार का पुतला लेकर सदन पहुंचे। पुतले पर हालिया अपराधों की सूची चस्पा की गई थी, चूडिय़ां पहनाई गई थीं और पोस्टर पर लिखा था-माफी चाहते हैं, हम बिहार की बेटियों को न्याय नहीं दिला पा रहे। इस प्रतीकात्मक विरोध ने सत्ता पक्ष को असहज कर दिया।
विपक्ष का आरोप है कि राज्य में अपराध बेलगाम हैं, खासकर महिलाओं के खिलाफ घटनाएं बढ़ी हैं। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष वेल में उतर आया और चर्चा की मांग पर अड़ा रहा। सत्तारूढ़ दल ने जवाब में कार्रवाई और प्रशासनिक प्रयासों का हवाला दिया। विधान परिषद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के बीच हुई तीखी नोकझोंक की गूंज मंगलवार को भी सुनाई दी। राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री पर तीखे शब्दों में हमला बोला, वहीं नीतीश कुमार की टिप्पणी को लेकर विपक्ष ने आपत्ति जताई।पूर्व मंत्री और जदयू नेता श्याम रजक ने इस बहस को देवर-भौजाई के बीच की बात बताकर राजनीतिक तंज कसा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास ठोस मुद्दे नहीं हैं और सिर्फ चेहरा चमकाने की कोशिश हो रही है। साथ ही दावा किया कि अपराध पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
इधर, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दोपहर 12 बजे विधानसभा पहुंचने की सूचना से सत्तारूढ़ खेमे में हलचल दिखी। मुख्य द्वार पर सभी सचेतकों के स्वागत के बाद उन्हें सदन में लाया जाएगा, जिससे राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। कार्यवाही में प्रश्नोत्तर काल के साथ खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग से जुड़े ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर जवाब दिए जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न समितियों की रिपोर्ट और वार्षिक प्रतिवेदन सदन पटल पर रखे जाएंगे। दूसरे सत्र में बिहार नगरपालिका विधि सेवा नियमावली 2025 और योजना सेवा नियमावली 2025 प्रस्तुत होंगी। सेकंड हाफ में वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्यय से जुड़ी अनुदान मांगों पर वाद-विवाद होगा। कुल मिलाकर, आज भी सदन में सियासी तापमान ऊंचा रहने के आसार हैं।

























