
नई दिल्ली। सरकार ने एक संसदीय समिति को सूचित किया कि भारत उन देशों से कच्चा तेल आयात जारी रखेगा, जहां से सस्ता और गुणवत्तापरक तेल मिलेगा, और भारतीय तेल कंपनियां भू-राजनीतिक स्थिति और गैर-प्रतिबंधित स्त्रोतों को ध्यान में रखते हुए तेल की खरीद करेंगी।
सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने कांग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली संसदीय विदेश मामलों की स्थायी समिति को यह जानकारी दी।
थरूर ने कहा कि ये बेहद प्रभावी बैठक थी, जो करीब तीन घंटे तक चली और इसमें 28 से 30 सदस्यों ने हिस्सा लिया। उन्होंने बैठक के बाद मीडिया को बताया कि अधिकारियों ने हर सवाल का पूरे विवरण के साथ जवाब दिया। अधिकारियों में विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी शामिल थे। थरूर ने बताया कि बैठक का अधिकांश समय भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता और भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) के अलावा तमाम मुद्दों पर केंद्रित रही और खास तौर पर इसमें रूसी तेल और कृषि उत्पादों पर भी चर्चा हुई। ईयू और यूके के बाद, भारत पर सबसे कम टैरिफ लगा है। उन्होंने कहा कि गोपनीयता की वजह से ज्यादा जानकारी साझा नहीं की जा सकती है।


































