
उदयपुर, १३ फरवरी ।
देशभर में गोल्ड लूट की बड़ी वारदातों को अंजाम देने वाली कुख्यात गैंग का मास्टरमाइंड बिहार निवासी सुबोध सिंह उर्फ बबुआ आखिरकार राजस्थान पुलिस के हत्थे चढ़ गया। राजसमंद पुलिस ने चर्चित गोल्ड लूट केस में उसे ओडिशा से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है। पुलिस रिकार्ड के अनुसार, सुबोध की गैंग पिछले एक दशक में 6 राज्यों में करीब 400 किलो से अधिक सोना लूट चुकी है। 42 वर्षीय सुबोध सिंह के खिलाफ लूट, हत्या और डकैती के 42 से अधिक केस दर्ज हैं। वह सिर्फ 12वीं पास है, लेकिन अपराध की दुनिया में बड़ा नेटवर्क खड़ा कर चुका है।सुबोध ने शुरुआती दौर में छोटे अपराध किए, फिर 1999 में बिहार पुलिस का मुखबिर बन गया। इसी दौरान उसने पुलिस की कार्यशैली को करीब से समझा और बाद में उसी ज्ञान का इस्तेमाल अपराध में किया। 2008 में कोलकाता और रायपुर में बैंक डकैती के बाद वह जेल गया। 2015 में बाहर आने के बाद उसने मुथूट, मणप्पुरम और बड़े ज्वेलर्स को टारगेट बनाकर संगठित गैंग तैयार की।
2018 में बिहार एसटीएफ ने उसे 16.5 किलो सोने और हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। बेउर जेल में बंद रहते हुए भी वह नए अपराधियों को जोडक़र वारदातें करवाता रहा। गैंग लूट के सोने को नेपाल और पश्चिम बंगाल ले जाकर बेच देती थी। 23 अगस्त 2023 को कांकरोली के रूपम ज्वेलर्स में हुई लूट में करीब 3 किलो सोना और 18 लाख नकद ले जाए गए थे। इससे पहले उदयपुर के सुंदरवास स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन शाखा में भी इसी गैंग की भूमिका सामने आई थी। सीआई सरोज बैरवा के अनुसार, सुबोध सिंह के खिलाफ दर्ज मामलों में लूटे गए सोने की मात्रा 400 किलो से अधिक आंकी गई है। गिरफ्तारी से देशभर की गोल्ड लूट वारदातों के कई राज खुलने की उम्मीद है।


















