
देहरादून, १3 फरवरी ।
अर्जुन हत्याकांड रिश्तों की ऐसी दर्दभरी कहानी है, जहां प्रापर्टी और पैसे के मोह ने एक मां को ही कुमाता बना दिया। संपत्ति का विवाद ऐसे मोड़ पर आ खड़ा हुआ कि मां ने अपनी ममता का गला घोंटकर बेटे की हत्या की ही सुपारी दे डाली। मां बीना शर्मा ने अपने पुराने परिचित विनोद उनियाल के साथ मिलकर अपने बेटे की हत्या करवाने में जरा भी संकोच नहीं किया। अर्जुन शर्मा के पिता कर्नल रमेश चंद्र शर्मा 38 वर्ष की उम्र में सेवा के दौरान बलिदान हुए थे। इसके बाद केंद्र सरकार ने उनकी पत्नी बीना शर्मा को आजीविका के लिए गैस एजेंसी आवंटित की थी, जो पिछले वर्षों से उनकी पैतृक संपत्ति के रूप में संचालित हो रही है और जमीन अर्जुन व उसकी मां बीना शर्मा के नाम पर थी। इसी गैस एजेंसी की संपत्ति को लेकर परिवार में कलह चल रहा था। जिस कारण मां और बेटे में दूरियां पैदा हुईं। दोनों कोर्ट-कचहरी से लेकर पुलिस थाने में भी एक-दूसरे के खिलाफ हो गए थे। बीना शर्मा ने अपने बेटे अर्जुन से खतरा बताते हुए उच्च न्यायालय से सुरक्षा ली हुई थी। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद उनकी सुरक्षा में एक महिला पुलिसकर्मी तैनात की गई थी। इसके बाद अर्जुन अपनी मां से अलग रहकर वसंत विहार में किराए के मकान पर रहने लगा। बीना शर्मा व विनोद उनियाल के बीच पिछले 15-20 सालों से गहरा रिश्ता था। बीना शर्मा करोड़ों रुपये विनोद उनियाल के खातों में ट्रांसफर कर चुकी थी। डा. अजय खन्ना की अर्जुन शर्मा की मां बीना शर्मा से जीएमएस रोड स्थित उनकी संपति को खरीदने के एवज में 14 करोड़ रुपये मे डील हुई थी, जिसमें से अब तक 08 करोड़ रुपये उसने बीना शर्मा को दिए थे, जोकि बीना शर्मा ने विनोद उनियाल के खाते में ट्रांसफर कर दिए। अर्जुन शर्मा ने उसकी मां की ओर से बेची गई प्रापर्टी पर न्यायालय से स्टे ले लिया। करोड़ों रुपये देने के बाद व प्रापर्टी पर कब्जा न मिल पाने के कारण डा. अजय खन्ना काफी परेशान चल रहा था तथा बीना शर्मा पर अपने रुपए वापस देने का दबाव बना रहा था।
इसको लेकर बीना शर्मा व अर्जुन शर्मा के बीच विवाद व झगड़ा होता रहता था। इसी कारण विनोद उनियाल, उनके परिचित डा. अजय खन्ना व मृतक की मां बीना शर्मा का अर्जुन शर्मा से प्रापर्टी व पैसों के लेनेदेन को लेकर विवाद चल रहा था। पूर्व में दोनो पक्षों ने एक दूसरे के विरुद्ध मुकदमे दर्ज कराए हैं। जमीन पर अर्जुन शर्मा की ओर से विक्रय पर स्टे लेने तथा मोटी धनराशि देने के बावजूद भी प्रापर्टी पर मालिकाना हक नहीं मिल पाने पर बीना शर्मा, अजय खन्ना व विनोद उनियाल ने अर्जुन शर्मा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसके लिए उन्होंने मूल रूप से ग्राम देवीखाल, पोस्ट गुमखाल, कोटद्वार जिला पौडी गढवाल निवासी पंकज राणा व उसके भाई राजीव राणा को हायर किया।
पंकज राणा, विनोद उनियाल के पास ड्राइवर जबकि राजीव आटो चलाने का कार्य करता है। दोनों भाई मौजूदा समय में चक्खुवाला कोतवाली क्षेत्र में रह रहे हैं। इसके लिए उनके बीच 12 लाख रुपये का सौदा हुआ। इसमें से 03 लाख रुपये दोनों आरोपितों को एडवांस मिल गए थे व बाकी के रुपये काम होने के बाद मिलने थे।


















