ढह गई मजहब की दीवार! मुस्लिम महिला ने पति के साथ उठाई कांवड़, अब 171 KM का सफर तय कर करेंगी जलाभिषेक

संभल। जब महोब्बत परवान चढ़ती है तो धर्म की दीवारें भी धरासाई हो जाती हैं। फिर ये कहानियां समाज में नए संदेश के साथ चलती हैं। ऐसे ही वाकयों में अब संभल की मुस्लिम महिला सुर्खियों में आई है। उन्होंने अपने हिंदू प्रेमी के साथ प्रेम विवाह कर न सिर्फ मजहबी नफरत फैलाने वालों को आइना दिखाया है बल्कि अब अपने पति के साथ भोले की भक्ति में लीन हाेकर हरिद्वार की गंगा में गोता लगाने के बाद कंधों पर कांवड़ उठाई है। मुस्लिम संप्रदाय के लोगों की आलोचनाओं का सामने करते हुए यह महिला बम-बम भोले करते हुए अपने शिवालय की तरफ को बढ़ रही है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस-प्रशासन भी साथ है। संभल के थाना असमोली क्षेत्र के गांव बदनपुर बसई निवासी अमन त्यागी ने अपने ही गांव में रहने वाली मुस्लिम युवती तमन्ना मलिक के साथ साढ़े तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था।

विवाह के बाद दोनों कई महीने तक बाहर भी रहे लेकिन, बाद में अपने गांव में ही आकर बस गए। इस दरमियान तमन्ना ने अपना नाम तुलसी रख लिया और दो बेटों को जन्म भी दिया। जिसमें एक दो वर्षीय बड़ा बेटा आर्यन और छोटा एक वर्षीय दक्ष है। प्रेम विवाह और बच्चों की मुराद पूरी होने के बाद तमन्ना मलिक इस बार पहली दफा अपने पति अमन त्यागी के साथ बुर्का पहनकर 10 फरवरी को हरिद्वार से कांवड़ लेने के लिए निकलीं। 11 फरवरी को हरिद्वार स्थित गंगा में गोता लगाया और बोल बम के साथ कंधे पर खड़ी कांवड़ सजा ली। फिर हरिद्वार से संभल के शिवालय क्षेमनार्थ पर पहुंचाने के लिए लगभग 170 किमी की आस्था भरी डगर को पूरा करना शुरू कर दिया। शुक्रवार को वह बिजनौर पहुंच गए थे और शनिवार की शाम तक संभल पहुंचाने का लक्ष्य है।

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