
कोलकाता। चुनाव आयोग ने बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को अपने निर्देश के पालन के लिए 17 फरवरी को शाम 5.30 बजे तक का समय दिया है।
मालूम हो कि आयोग के निर्देश के बावजूद राज्य प्रशासन की ओर से मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपित वेस्ट बंगाल सिविल सर्विस के चार अधिकारियों, जो चुनाव अधिकारी की भूमिका में थे, के विरुद्ध अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है। यह मामला बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) का कार्य शुरू होने से पहले का है। पिछले साल अगस्त में इसी मामले में बंगाल के तत्कालीन मुख्य सचिव मनोज पंत को भी आयोग ने तलब किया था। दो चुनाव पंजीकरण अधिकारियों व दो सहायक चुनाव पंजीकरण अधिकारियों पर मतदाता सूची में गड़बड़ी करने के आरोप हैं।
आयोग ने बंगाल में एसआइआर संबंधी कार्य के लिए एक और विशेष पर्यवेक्षक की नियुक्ति की है। उनका नाम एनके मिश्रा है, वह विशेष पर्यवेक्षक सेवानिवृत्त आइपीएस अधिकारी हैं। वह एसआइआर के कार्य के साथ-साथ बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव की प्रशासनिक तैयारियों का भी जायजा लेंगे।
2,000 लोगों को मिला सुनवाई का फर्जी नोटिस
हावड़ा शहर में करीब 2,000 लोगों को एसआइआर की सुनवाई का फर्जी नोटिस मिलने का मामला सामने आया है। जिन लोगों को नोटिस मिला है, उन्हें गैर-भारतीय बताया गया है। नोटिस में प्रेषक का नाम नहीं लिखा है। जिस पते से इसे भेजा गया है, उस जगह पर सिर्फ बंगाल लिखा है।






























