
भोपाल 16 फरवरी। मध्य प्रदेश की प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक नाम फिर चर्चा के केंद्र में है अवि प्रसाद। वजह इस बार कोई तबादला, सख्त कार्रवाई या विकास मॉडल नहीं, बल्कि उनकी निजी जिंदगी है। अवि प्रसाद ने तीसरी शादी कर ली है, और खास बात यह है कि उनकी पहली दो पत्नियां भी भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं और वर्तमान में जिले की कलेक्टर के रूप में काम कर रही हैं। तीसरी पत्नी राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी हैं। अवि प्रसाद का प्रशासनिक करियर शुरुआत से ही उल्लेखनीय रहा है। वर्ष 2013 में उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा में हुआ था, लेकिन उन्होंने दोबारा प्रयास किया और वर्ष 2014 की यूपीएससी परीक्षा में 13वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में स्थान बनाया। उनकी यह उपलब्धि उन्हें अपने बैच के प्रतिभाशाली अधिकारियों में शुमार करती है। वे मूलत: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से ताल्लुक रखते हैं। राजनीति और सार्वजनिक जीवन का माहौल उन्होंने बचपन से देखा। उनके दादा टम्बेश्वर प्रसाद उर्फ बच्चा बाबू चौधरी चरण सिंह की सरकार में मंत्री रहे थे। ऐसे में शासन-प्रशासन की समझ उन्हें विरासत में मिली, ऐसा उनके करीबी बताते हैं। दिल्ली में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान उनकी मुलाकात रिजु बाफना से हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में विवाह हुआ। रिजु बाफना वर्तमान में मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले की कलेक्टर हैं और राज्य में एक सक्षम व सख्त प्रशासक के रूप में जानी जाती हैं। हालांकि यह रिश्ता लंबा नहीं चला। कुछ वर्षों बाद दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया और तलाक हो गया।
पहले रिश्ते के समाप्त होने के बाद अवि प्रसाद ने दूसरी शादी आंध्र प्रदेश की 2016 बैच की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह से की। विवाह के बाद मिशा सिंह ने मध्य प्रदेश कैडर ले लिया। वर्तमान में वे रतलाम की कलेक्टर हैं और 2025 में उन्होंने जिले का कार्यभार संभाला। रतलाम में उनका कार्यकाल सक्रिय प्रशासनिक शैली के लिए जाना जा रहा है। विकास कार्यों के औचक निरीक्षण और योजनाओं की समीक्षा को लेकर वे अक्सर चर्चा में रहती हैं। हालांकि अवि प्रसाद और मिशा सिंह का यह रिश्ता भी ज्यादा समय तक नहीं चल पाया। करीब चार वर्षों बाद दोनों ने अलग होने का निर्णय लिया। अब अवि प्रसाद ने 2017 बैच की आईएएस अधिकारी अंकिता धाकरे से विवाह किया है। अंकिता धाकरे वर्तमान में राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रटरी के पद पर काम कर रही हैं। 11 फरवरी को दोनों ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में सादगीपूर्ण समारोह में विवाह किया। कूनो, जो हाल के वर्षों में अपने वन्यजीव संरक्षण प्रयासों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रहा है, इस निजी आयोजन का साक्षी बना। शादी की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ लोगों ने इसे निजी निर्णय बताते हुए सम्मान की बात कही, तो कुछ ने लगातार वैवाहिक बदलावों पर सवाल उठाए। अवि प्रसाद की पहचान केवल उनकी निजी जिंदगी तक सीमित नहीं है। वे मध्य प्रदेश शासन में एक भरोसेमंद और तेजतर्रार अधिकारी माने जाते हैं। फिलहाल वे मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारीकी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
इससे पहले वे कई जिलों में जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर रह चुके हैं. कटनी में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने कुपोषण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया था. उस समय जिले में बढ़ते कुपोषण के आंकड़ों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी थी.




















