परीक्षा के दौर में लाउड स्पीकर का शोर परेशान कर रहा छात्रों को

कोरबा। सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हो रही है जबकि माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाएं अगले हफ्ते प्रारंभ होंगी। विद्यार्थी परीक्षा की चुनौती से निपटने की तैयारी में जुटा हुआ है। इन सबके बीच शहर से लेकर उपनगरीय क्षेत्रों में लाउड स्पीकर की आवाज उनकी चेतना को बाधित कर रही है। इस पर रोक की जरूरत है।
खबर के अनुसार कहीं सुबह 5 बजे से यह सिलसिला शुरू होता है तो कहीं दूसरे समय पर शोर-शराबा जारी रहता है। रात के 10 बजे तक आम लोगों सहित विद्यार्थियों के कानों में अलग-अलग तरह की आवाजें भिन्न-भिन्न प्रकार से गूंजती हैं। इससे उन्हें कोई जानकारी तो नहीं मिलती लेकिन मानसिक स्तर में बाधा जरूर होती है। शादी-विवाह में बजने वाले डीजे से लेकर दूसरे कार्यक्रमों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग लोगों का शौक बन चुका है। इसके साथ ही लोगों को उठाने और बताने से लेकर अन्य जानकारी देने के लिए भी अलग-अलग कार्यक्रम में ऐसे उपकरणों का जबरदस्त प्रयोग हो रहा है। ऐसे यंत्रों का उपयोग करने वाला यंत्र इस बात से बेखबर है कि बोर्ड के छात्र परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं। अगले कुछ दिन बाद कॉलेज और गृह परीक्षाएं सिर पर होंगीं। ऐसे में डीजे सहित स्पीकर का उपयोग करने वालों को कोई मजलब नहीं रह गया है कि वे आखिर इससे दूरी कैसे बनाएंगे। उनके अपने तर्क हैं और दूसरों की परेशानी से वास्ता नहीं। हालांकि कुछ स्तर पर लोगों ने शिकायत की है, किंतु नतीजे सिफर हैं। पुलिस भी इस तरह की शिकायतों पर बहुत ज्यादा ध्यान नहीं देती है। परीक्षाओं के मद्देनजर क्या ऐसे आयोजनों पर रोक से लेकर ध्वनि विस्तारक यंत्रों को हासिए पर रखने की व्यवस्था प्रशासन नहीं कर सकता? हालांकि पिछले हफ्ते ही जिला प्रशासन द्वारा परिपत्र जारी कर कहा गया है कि 16 फरवरी से अगले आदेश तक कोरबा जिले में ऐसे सभी ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रोक लगाया गया है। इस पर कितना अमल होता है, यह इंतजार विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को जरूर रहेगा।

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