
सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में गंभीर अपराधों में निरुद्ध अपचारी बालकों के फरार होने की बड़ी घटना सामने आई है। बिशुनपुर स्थित प्लेस ऑफ सेफ्टी से सोमवार रात 15 अपचारी बालक सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए भाग निकले। फरार होने से पहले बालकों ने ड्यूटी पर तैनात एक सुरक्षा गार्ड पर हमला कर दिया और परिसर की दीवार फांदकर बाहर निकल गए। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच फरार अपचारी बालकों को पकड़ लिया है, जबकि 10 अब भी फरार बताए जा रहे हैं। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, बिशुनपुर में संचालित प्लेस ऑफ सेफ्टी गंभीर अपराधों में संलिप्त 14 से 18 वर्ष से कम आयु के अपचारी बालकों के लिए सुरक्षित निरुद्ध केंद्र के रूप में कार्य करता है। 25 अपचारी बालकों की क्षमता वाले इस केंद्र में घटना के समय 26 बालक निरुद्ध थे।
सोमवार रात भोजन के बाद करीब 9 बजे अपचारी बालकों को बैरक के भीतर ले जाया जा रहा था, तभी अचानक स्थिति बिगड़ गई। प्लेस ऑफ सेफ्टी के प्रभारी भानू प्रताप के मुताबिक, रात में तीन सुरक्षा गार्ड तैनात थे। इसी दौरान कुछ अपचारी बालकों ने एक गार्ड पर हमला कर दिया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था में क्षणिक व्यवधान उत्पन्न हुआ। मौके का फायदा उठाते हुए 15 अपचारी बालक परिसर की दीवार फांदकर फरार हो गए। जब तक अन्य दो गार्ड मौके पर पहुंचे, तब तक बालक परिसर से बाहर निकल चुके थे। घटना की सूचना तत्काल प्लेस ऑफ सेफ्टी के अधीक्षक द्वारा गांधीनगर पुलिस को दी गई। पुलिस ने देर रात ही सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। तलाशी अभियान के दौरान तीन अपचारी बालकों को पुलिस ने पकड़ लिया, जबकि दो अन्य बालक स्वयं वापस प्लेस ऑफ सेफ्टी लौट आए। शेष 10 फरार बालकों की तलाश जारी है। पुलिस टीम संभावित ठिकानों और संपर्क स्थलों पर दबिश दे रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, फरार हुए अपचारी बालक कोरिया, सूरजपुर और सरगुजा जिले के निवासी हैं। ये सभी हत्या, चोरी और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों में निरुद्ध थे। नियमों के तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर अपचारी बालकों को सेंट्रल जेल भेजा जाता है, जबकि उससे पहले उन्हें प्लेस ऑफ सेफ्टी में रखा जाता है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले बाल संरक्षण गृहों से अपचारी बालकों के फरार होने की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन बिशुनपुर प्लेस ऑफ सेफ्टी से इस तरह की फरारी का यह पहला मामला बताया जा रहा है। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार बालकों को जल्द पकड़ने का दावा किया है।
















