
नईदिल्ली, १८ फरवरी ।
भारत से बढ़ते टूरिस्ट ट्रैफिक को देखते हुए साउथ अफ्रीका ने साफ कर दिया है कि भारतीय बाजार अब उसके लिए टॉप प्रायोरिटी है। खासकर तब, जब साउथ अफ्रीका में सबसे ज्यादा टूरिस्ट ब्रिटेन, अमेरिका और चीन जैसे देश शामिल हैं। जबकि लिस्ट में भारत 10वें नंबर पर है।भारतीय पर्यटकों को लुभाने के लिए साउथ अफ्रीका टूरिज्म ने अपना वार्षिक इंडिया रोडशो का दिल्ली फेज को सफलतापूर्वक पूरा किया। इससे पहले इसकी शुरुआत ह्रञ्जरू मुंबई से हुई थी। दिल्ली रोडशो में 40 से ज्यादा एग्जीबिटर्स शामिल हुए और 255 से अधिक भारतीय ट्रैवल ट्रेड पार्टनर्स ने भाग लिया। मकसद साफ था- लीजर, कॉर्पोरेट और रूढ्ढष्टश्व (मीटिंग, इंसेंटिव, कॉन्फ्रेंस और एग्जीबिशन) सेगमेंट में नए बिजऩेस मौके तलाशना और भारतीय ट्रैवल एजेंट्स के साथ साझेदारी मजबूत करना। रोडशो का नेतृत्व मिताली कर्माकर, मार्केटिंग एंड कम्युनिकेशंस मैनेजर ने किया। उन्होंने कहा कि, भारत साउथ अफ्रीका टूरिज्म के लिए प्राथमिक ग्रोथ मार्केट है। फैमिली ट्रैवल, एक्सपीरिएंशियल हॉलीडे और प्रीमियम ट्रैवल में भारतीयों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आज के भारतीय यात्री एआई टूल्स की मदद से ट्रिप प्लान कर रहे हैं, ज्यादा सोच-समझकर यात्रा कर रहे हैं और पारंपरिक जगहों से आगे नए डेस्टिनेशन एक्सप्लोर करना चाहते हैं। उन्होंने यह कहा कि, यह बदलाव दिखाता है कि यात्री अब ज्यादा आत्मविश्वासी और जिज्ञासु हैं, जो साउथ अफ्रीका के कम-ज्ञात इलाकों के लिए बड़ा मौका है।
दिल्ली को भारत में साउथ अफ्रीका का अहम सोर्स मार्केट बताया गया। यहां के यात्री लग्जरी, वाइल्डलाइफ और कल्चर का मिश्रण चाह रहे हैं। वे सिर्फ क्लासिक स्पॉट्स नहीं, बल्कि क्यूरेटेड और एक्सक्लूसिव अनुभवों की तलाश में हैं।साउथ अफ्रीका का लक्ष्य है कि 2026 तक भारतीय पर्यटकों की संख्या प्री-कोविड स्तर पर लौट आए। साथ ही, 2027 में होने वाला ह्रष्ठढ्ढ वल्र्ड कप भी देश के लिए बड़ा मौका माना जा रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साउथ अफ्रीकी सरकार की आधिकारिक मार्केटिंग संस्था साउथ अफ्रीका टूरिज्म का फोकस साफ है कि भारत के साथ लंबे समय की साझेदारी, नए यात्रा पैकेज और रेनबो नेशन को भारतीयों की पसंदीदा डेस्टिनेशन बनाना।















