बेटे की गलती पर शर्मिंदा हूं, द्वारका हादसे पर नाबालिग आरोपी के पिता का बयान

पश्चिमी दिल्ली, १८ फरवरी ।
मैं अपने बेटे की हरकरत पर शर्मिंदा हूं। मेरे बेटे से यह गलती अंजाने में हुई है। वह भी एक पिता है अपने बच्चे के जाने के दुख को समझते हैं। वह पीडि़त परिवार से अपने बेटे की गलती के लिए माफी मांगते हैं। इससे पहले कभी भी वह इस प्रकार गाड़ी लेकर नहीं निकलता था। यह कहना है द्वारका सडक़ हादसा में 23 वर्षीय बाइक सवार को कुचलने के आरोपी नाबालिग के पिता नरेंद्र सिंह का।
उन्होंने बताया कि जिस दिन यह हादसा हुआ मैं दिल्ली में नहीं था। हादसे की जानकारी मुझे मेरी पत्नी और पुलिस से मिली थी। इसके बाद मैं फ्लाइट से दिल्ली पहुंचा। उन्होंने बताया कि 3 फरवरी को करीब 12 बजे मेरी पत्नी को पुलिस से हादसे की जानकारी मिली थी। उन्हें पुलिस ने बताया था कि आपके बेटे ने एक बाइक सवार को गाड़ी से टक्कर मार दी है। घर के पास ही हादसा होने के कारण मेरी पत्नी मौके पर पैदल ही पहुंच गई। जहां से पुलिस उनके बेटे को थाने लेकर चली गई। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मेरे नहीं रहने के कारण वह गाड़ी लेकर निकल गया था। जो उस गाड़ी पर पहले से चालान है वह उनके बेटा द्वारा नहीं बल्कि यह चालान तब हुए हैं, जब उनका ड्राइवर गाड़ी चला रहा था। अपने बेटे के बारे में बताते हुए कहा कि वह एक तेज बच्चा है। इस हादसे के बाद पुलिस ने कोर्ट ने पेश किया था, जहां से उसे 6 दिन की हिरासत में भेज दिया गया था। बाहर आने के बाद से ही वह डिप्रेशन में है। मुझसे तो वह डरता है, पर अब अपनी मां से भी बात नहीं कर रहा है। उन्होंने आरोपित के पकड़े जाने के समय पुलिस द्वारा उसकी उम्र 19 साल लिखे जाने पर कहा कि, उस समय पुलिस को गलतफहमी हो गई थी। बाद में उसके दस्तावेज जमा करने पर पुलिस की गलतफहमी दूर हो गई। वह 17 साल का ही है। हादसे के समय आरोपित नाबालिग स्कॉर्पियो में अपनी बहन के साथ था और दोने भाई बहन रील बना रहे थे।
जब हादसा हुआ तो दोनों गाड़ी को छोडक़र भागने लगे। पर स्थानीय लोगों ने पीछा करके उन्हें रोक लिया और वापस घटनास्थल लेकर आए। पर वायरल हो रहे एक वीडियो में साफ दिख रहा है कि हादसे के बाद दोनों भाई बहन को उनकी गलती से किसी के जान के जाने का कोई अफसोस नहीं है, बल्कि वे लोग उन्हें रोकने वालों से ही भिड़ गई और उनसे बदतमीजी करती देखी जा रही है। बाद में पुलिस के आने पर उन्हें हिरासत में लिया गया और पुलिस आरोपित को वहां से थाने लेकर गई।

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