सिगड़ी की जहरीली गैस बनी काल: बंद कमरे में दम घुटने से दंपती और 4 साल की मासूम की मौत

सूरजपुर। ठंड से बचने की कोशिश एक हंसते-खेलते परिवार के लिए काल बन गई। कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चन्द्रपुर में मंगलवार रात बंद कमरे में सिगड़ी जलाकर सोए पति-पत्नी और उनकी चार वर्षीय मासूम बच्ची की दम घुटने से मौत हो गई। बुधवार सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई। दरवाजा तोडक़र भीतर पहुंचे लोगों ने देखा कि तीनों अचेत अवस्था में पड़े हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में कमरे में भरी जहरीली गैस, संभवत: कार्बन मोनोऑक्साइड, को मौत का कारण माना जा रहा है। बताया गया कि जिस कमरे में परिवार सो रहा था, उसमें न खिडक़ी थी और न ही रोशनदान। रातभर सिगड़ी से निकली गैस कमरे में भरती गई और तीनों की सांसें थम गईं। मृतकों में 28 वर्षीय कवल सिंह, उनकी 25 वर्षीय पत्नी कुंती और चार साल की मासूम बेटी शामिल हैं। एक साथ उठीं तीन अर्थियां, सन्नाटे में डूबा चन्द्रपुर सुबह जैसे ही तीनों की मौत की खबर गांव में फैली, चन्द्रपुर शोक में डूब गया। एक साथ तीन अर्थियां उठीं तो हर आंख नम हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार कवल सिंह मेहनतकश और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। परिवार खुशहाल था, लेकिन एक छोटी सी असावधानी ने सब कुछ छीन लिया। गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा है। हर घर में इस दर्दनाक हादसे की चर्चा है और लोग अफसोस जता रहे हैं कि यदि कमरे में वेंटिलेशन की व्यवस्था होती तो शायद यह हादसा टल सकता था। संवेदनशील पहल: विधायक ने मौके पर पहुंच संभाली कमान घटना की सूचना मिलते ही प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी तत्काल चन्द्रपुर पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। विधायक ने राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों को शीघ्र आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर मुआवजा प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए। साथ ही शासन की ओर से उपलब्ध प्रावधानों के तहत हरसंभव आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा दिलाया। परिजनों का हाथ थामकर उन्होंने ढांढस बंधाया और ग्रामीणों से अपील की कि ठंड के मौसम में सिगड़ी या अंगीठी का उपयोग करते समय कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन अवश्य रखें। ग्रामीणों ने कहा कि दुख की इस घड़ी में विधायक की सक्रियता और संवेदनशील मौजूदगी ने परिवार को संबल प्रदान किया है।

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