
कोरबा। लंबे समय तक शांत रहने के बाद कोरबा जिले में डीजल चोर गिरोह एक बार फिर सक्रिय हो गया है। इस बार गिरोह पहले से अधिक दुस्साहस के साथ वारदातों को अंजाम दे रहा है।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरशन के गोपालपुर टर्मिनल के सामने मुख्य मार्ग पर खड़े भारी वाहनों को निशाना बनाया जा रहा है।बताया जा रहा है कि अज्ञात बदमाश रात के अंधेरे में ट्रकों और अन्य मालवाहक वाहनों के टैंकों को तोडक़र डीजल चोरी कर रहे हैं। बीती रात भी कई वाहनों से हजारों लीटर डीजल पार कर दिया गया। जब चालकों को इसकी भनक लगी और उन्होंने विरोध जताया, तो आरोपियों ने उन्हें धमकाकर चुप करा दिया।
सूत्रों के मुताबिक इस गिरोह में कई सदस्य शामिल हैं, जिन्हें स्थानीय स्तर पर हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है। चोरी की वारदातों में ये पूरी तरह पेशेवर अंदाज में काम करते हैं। जानकारी यह भी है कि ये लोग मारपीट से लेकर खुद को चोट पहुंचाने जैसे जोखिम उठाने से भी नहीं हिचकते, ताकि कानूनी कार्रवाई को प्रभावित किया जा सके। गिरोह कथित रूप से स्कॉर्पियो वाहन में सवार होकर देर रात इलाके में घूमता है और सडक़ किनारे खड़े वाहनों को टारगेट करता है। वारदात के बाद तेजी से मौके से फरार हो जाते हैं।
गौरतलब है कि कुछ वर्ष पहले भी इसी क्षेत्र से बड़े पैमाने पर डीजल चोरी की घटनाएं सामने आई थीं। उस समय पेट्रोल पंप संचालकों और वाहन मालिकों की शिकायत पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की थी, जिसके बाद कुछ समय तक ऐसी घटनाएं थम गई थीं।अब एक बार फिर नकाबपोश गिरोह की सक्रियता से वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों में दहशत का माहौल है।
स्थानीय ट्रांसपोर्टरों और वाहन चालकों ने प्रशासन से मांग की है कि गोपालपुर टर्मिनल क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाई जाए और संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जाए। साथ ही सीसीटीवी निगरानी को मजबूत कर गिरोह की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो डीजल चोरी की ये घटनाएं और बढ़ सकती हैं, जिससे ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर गंभीर असर पडऩा तय है।
मालिकों ने नहीं लिखाई इस घटना की रिपोर्ट
खबर मिली है कि घटनाक्रम का पता चलने पर कुछ वाहन चालकों ने यहां का वीडियो अपने मोबाइल पर रिकार्ड कर लिया जिसमें चोर गिरोह को गाड़ी का फ्यूल टैंक तोडक़र डीजल चोरी करते देखा जा रहा है। कुछ दूर में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी ये तस्वीर कैद हुई। कुछ चालकों ने अपने मालिकों को इसकी जानकारी दी तो उन्होंने इसे हल्के से लिया। इस बारे में दर्री पुलिस के पास रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। ऐसे में चोर गिरोह का मनोबल बढ़ेगा ही और किसी पर जवाबदेही भी नहीं दी जा सकेगी।





















