जांजगीर समेत पांच जिलों में 7 वारदातों को दिया था अंजाम

जांजगीर चांपा। अंतरराज्यीय लूट और उठाईगिरी गिरोह का जांजगीर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। बिहार राज्य के कटिहार के आरोपी पुलिस के हत्थे चड़े हैं। गिरोह ने छत्तीसगड के 5 जिलों में 7 वारदात को अंजाम देकर 9 लाख 83 हजार को लूट और उठाईगिरी की थी। गिरोह के 4 सदस्यों में से 2 को बिलासपुर से पकड़ा गया है। वहीं अभी भी 2 सदस्य फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी है।
शिवरीनारायण क्षेत्र के धरदेई में हुई 2.50 लाख की लूट की जांच में जुटी जांजगीर चाम्पा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अंतरराज्यीय लूट और उठाईगिरी गिरोह को पकड़ा है। धरदेई में 13 फरवरी को किसान से बाइक सवार लुटेरे नकदी ढाई लाख रुपए लेकर फरार हो गए थे। आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीम बनाई गई। सायबर टीम द्वारा घटनास्थल से लगे सीसीटीव्ही आरोपियों के भागने के संभावित सभी रास्तों का बारीकी से अवलोकन किया गया। एक संदिग्ध बाइक घटना स्थल से निकलकर जांजगीर की ओर जाती दिखी। संदिग्ध बाइक का पता लगाने जांजगीर से बिलासपुर के मध्य लगे लगभग 150 से अधिक सीसीटव्ही फूटेज को चेक किए गए। इस दौरान संदेही का बिलासपुर तक आने जाने का पता चला। तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपी बिहार राज्य के होने को जानकारी प्राप्त हुई। जांजगीर साइबर थाना टीम द्वारा बिलासुपर के होटल लाज धर्मशाला को चेक करने पर बिलासपुर पुराना बस स्टैण्ड के पास एक लाज में बिहार के रहने वाले लडक़ों के ठहरने की जानकारी मिली। जानकारी पुख्ता करने सायबर टीम के द्वारा लाज के आसपास के सीसीटीवी फुटेज का बारिकी से निरीक्षण किया गया। इस दौरान घटना में प्रयुक्त बाइक जिला अस्पताल बिलासपुर में खड़ी मिली। उसके बाद पुलिस टीम द्वारा लाज में ग्राहक बनकर कमरा देखने के बहाने चेक करने पर दो युवक लाज के एक कमरे में रूके मिले। दोनों को पकडकर पूछताछ करने पर पहले तो टालमटोल करने लगे लेकिन कडाई से पूछताछ करने पर 13 फरवरी को ग्राम धरदेई में लूट करना स्वीकार किया। पुलिस को पकड़ में आए दोनों आरोपियों ने छत्तीसगढ़ के रायगढ़, कोरबा, अंबिकापुर, सारंगढ़, जांजगीर चाम्पा जिले में 7 वारदात करना कबूल किया। इन प्रकरण में गिरोह ने कुल 9 लाख 83 हजार की लूट एवं उठाईगिरी की है।
गिरोह बिहार के कटिहार का है। गिरोह के 4 सदस्य में से 2 पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। जबकि सरगना समेत एक अन्य सदस्य फरार हैं। पुलिस ने नया टोला जोरावगंज थाना कोड़ा जिला कटिहार बिहार निवासी 36 वर्षीय दीपक यादव पिता जीवन यादव और 28 वर्षीय अविनाश उर्फ सनी कुमार यादव पिता रणजीत यादव को गिरफ्तार किया है।
बुजुर्ग और महिलाओं को बनाते थे शिकार
गिरोह द्वारा बैंकों के आसपास रेकी की जाती थी। बैंक में रकम निकालने और लोगों पर गीरोह के सदस्य नजर रखते थे। आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि बैंक में अधिक रकम निकालने आए बुजुर्गों और महिलाओ को टारगेट करते थे। बैंक से पैसा लेकर जाने के दौरान पीछा कर मौका देखकर रास्ते में ही कोतवाली जिला सरगुजा से रकम लूट कर भाग जाते थे।
आरोपियो ने 4 दिसंबर 2025 को अंबिकापुर याना खरसिया क्षेत्र में 1 लाख रुपए 12 जनवरी 2006 को रायगढ़ थाना खरसिया क्षेत्र से 2 लाख रूपए ,13 जनवरी 2006 को थाना सरमद जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ क्षेत्र से 60 हजार रुपए, 18 जनवरी 2025 को याला गांधी कजर अंबिकापुर जिला सरगुजा से 88 हजार रुपये,13 फरवरी 2028 को जांजगीर चांपा जिले के शिवरीनारायण थाना क्षेत्र अंतर्गत धरदेई में 2 लाख 50 हजार रुपए और 16 फरवरी 2006 को जिला कोरबा थाना कटोरा क्षेत्र में 15 हजार की लूट करना स्वीकार किया।

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