
पटना, २१ फरवरी ।
गृह विभाग के बजट में तकनीकी लैस पुलिसिंग और पुलिस बलों के अत्याधुनिकरण पर खासा जोर है। क्राइम कंट्रोल से लेकर जेलों की निगरानी और पुलिस थानों की आनलाइन मानीटरिंग में जल्द ही एआइ का इस्तेमाल होगा। राज्य में उद्योग-धंधों के लगने और नये निवेश आने में विधि व्यवस्था बाधा न बने, इसलिए सरकार ने पहली बार औद्योगिक सुरक्षा बल बटालियन तैयार करने जा रही है। राज्य में विधि व्यवस्था में जीरो टालरेंस पर जोर देते हुए उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जो इकबाल कायम किया है, उसे पर कोई आंच नहीं आने दिया जाएगा। सरकार का इकबाल कायम है और आगे भी रहेगा। आज यह घोषणा करता हूं कि बिहार पूरी तरह से नक्सलमुक्त प्रदेश बन गया है। बिहार में अब कोई नक्सली शेष नहीं है, 143 उग्रवादी गिरफ्तार किए गए।सम्राट चौधरी ने कहा कि भले ही उनका दायित्व वित्त से गृह विभाग में बदल गया हो. लेकिन नेता अभी भी नीतीश कुमार ही हैं और अंतिम निर्णय उन्हीं का होता है। उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस पूरी तरह स्वतंत्र होकर काम कर रही है और सरकार का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है।सदन में सरकार का उत्तर देते हुए सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर करारा हमला बोला कहा कि उन्हें 2005 के पहले की घटनाएं याद होगा। फिर उन्होंने बिना किसी का नाम लिये कहा कि बिहार पुलिस का एकबाल ऐसा है कि अब तो हाथी भी पुलिस के डर से बीमार होकर अस्पताल जाना चाहता है।जो लोग पटना एयरपोर्ट पर उतरते हैं और कहते हैं कि बिहार पुलिस तो एक चींटी भी नहीं मार सकती। लेकिन, वही व्यक्ति बयान देने के दो घंटे के भीतर गिरफ्तार हो जाता है और पुलिस की गिरफ्त में आते ही कहने लगता है कि मैं तो बीमार हो गया हूं। सम्राट चौधरी ने विपक्ष के उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने घटना होने पर एफआईआर नहीं होने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि आवेदनों की जांच के बाद 96.16 प्रतिशत मामलों में एफआईआर दर्ज किया गया। उन्होंने विपक्ष के सूबे में बढ़ते अपराध के दावे को भी सिरे से खारिज कर दिया।विभिन्न आंकड़ों के माध्यम से उन्होंने कहा कि बिहार में अपराध का ग्राफ न केवल काफी नीचे है बल्कि कई मामलों में इसमें बिहार की स्थिति पूरे देश में सबसे बेहतर है। अपराध की कई श्रेणियां ऐसी हैं, जिसमें बिहार देश में सबसे नीचे है। यह बताया है कि अपराध को लेकर राज्य सरकार कितनी संवेदनशील है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नीट छात्र मामले में पुलिस ने पूरी गंभीरता से अपना काम किया। लेकिन, लोगों की मांग पर इसकी जांच के लिए हमने सीबीआई को मामला सौंपा। उन्होंने बताया कि सभी जेलों में सीसीटीवी कैमरे से आनलाइन मानिटरिंग की जाएगी।
जेल में बंद लोगों से मुलाकात करने वालों पर नजर के लिए सीसीटीवी लगाए जा रहे हैं। किस अपराधी को कौन मिलने आया, इसकी जानकारी सरकार के पास रहेगी। इसके लिए ई-मुलाकात की नयी व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके अलावा बगैर उपस्थिति के भी संबंधित व्यक्ति पर ट्रायल होगा। इससे मामले लंबित नहीं रहेंगे। जेल में लोगों के पढऩे की व्यवस्था की जा रही है। 1256 बंदियों ने 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की जबकि 183 बंदी 12वीं में पढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की हाई सिक्यूरिटी जेल बनाने की योजना जल्द जमीन पर उतरेगी। यह पहाड़ पर स्थित होगा और यहां सिर्फ आने-जाने का रास्ता ही होगा। वहां मोबाइल भी काम नहीं करेगा। यह अपने तरह का नया प्रयोग होगा। ऐसे जेल में हिस्ट्रीशीटर अपराधी रखे जाएंगे। इसके अलावा भागलपुर में मुक्त जेल (ओपेन जेल) स्थापित किया जाएगा।


















