रूचि तिवारी मामले में नया मोड़, एनएचआरसी ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस भेज दो सप्ताह में मांगा जवाब

नईदिल्ली, २१ फरवरी ।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के नार्थ कैंपस में छात्र प्रदर्शन कवर करने गई महिला पत्रकार रूचि तिवारी से मारपीट और यौन उत्पीडऩ के मामले का स्वत संज्ञान लिया है। आयोग ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।ये घटना 13 फरवरी की है जब दिल्ली विश्वविद्यालय नार्थ कैंपस में यूजीसी नियमों के विरोध में प्रदर्शन चल रहा था। प्रदर्शन की रिपोर्टिंग करने पहुंची महिला पत्रकार को भीड़ ने घेर लिया और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया था। मीडिया रिपोर्ट के हवाले से आयोग ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पत्रकार की जाति पहचानने के बाद उसे निशाना बनाया। आरोप है कि भीड़ ने उसके साथ मारपीट की, यौन उत्पीडऩ किया व उसे निर्वस्त्र घुमाने की धमकी भी दी। हमले के दौरान पत्रकार बेहोश हो गई थी। बाद में कुछ शिक्षकों और मौके पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों के हस्तक्षेप से उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया था। आयोग ने कहा है कि यदि समाचार रिपोर्ट में लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं तो यह न केवल एक महिला की गरिमा पर हमला है बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मीडिया की स्वतंत्र कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। एनएचआरसी ने दिल्ली पुलिस से अब तक दर्ज एफआईआर, आरोपितों की पहचान, गिरफ्तारी की स्थिति, पीडि़ता की सुरक्षा और जांच की प्रगति से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है। पीडि़ता पत्रकार ने आरोप लगाया है कि उसे पेशेवर दायित्व निभाने के दौरान उसकी जातिगत पहचान के आधार पर निशाना बनाया गया। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पुलिस रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मामले की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई, आवश्यक सिफारिशें और निर्देश जारी किए जाएंगे।

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