नशे में चलाई गाड़ी, डेढ़ महीने में 21.14 लाख का देना पड़ समन शुल्क

ट्रैफिक रूल्स का उल्लंघन करने पर की गई कार्यवाही
कोरबा। वाहन चालकों से हर हाल में अपेक्षा की जाती है कि वे वाहन चलाने के दौरान सामान्य स्थिति में रहें और ट्रैफिक रूल्स को फॉलो करें। दुर्घटनाओं को टालने के लिए ऐसा सोचना जरूरी है। इसके बावजूद कोरबा जिले में शराब पीकर वाहन चलाने के मामले कम नहीं हो रहे हैं। ऐसे 214 चालकों को जांच के दौरान नशे में पाया गया। उन्हें 21 लाख 14 हजार रुपए समन शुल्क देना पड़ा।
ट्रैफिक पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत ऐसे गैर जिम्मेदार चालकों पर प्रकरण दर्ज किया और कोर्ट में पेश किया। बताया गया कि सडक़ सुरक्षा जागरूकता माह से लेकर फरवरी के पहले पखवाड़े में कोरबा जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में यह कार्यवाही की गई। अलग-अलग स्थान पर चेक प्वाइंट लगाकर पुलिस ने गाडिय़ों की पड़ताल की। एल्कोमीटर से चालकों की जांच करने पर उनमें एल्कोहल की मात्रा निर्धारित परिमाण से अधिक पाई गई। इसे दंडनीय श्रेणी में रखा गया है। ऐसे 214 प्रकरण पुलिस के रिकार्ड में आए। इनमें अगली कार्यवाही करते हुए 21 लाख 14 हजार रुपए का समन शुल्क अधिरोपित किया गया। खबर के अनुसार ट्रैफिक पुलिस की इस कार्यवाही के निशाने में दोपहिया से लेकर चारपहिया और मल्टी व्हीकल के चालक शामिल हैं। होली ठीक पहले पुलिस ने पिछले डेढ़ महीने के रिकार्ड को सार्वजनिक किया। इसके माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि शराब पीकर वाहन चलाना अपने साथ-साथ दूसरे की जिंदगी को खतरे में डालना है। ऐसे मामलों में किसी तरह की ढिलाई का सवाल ही पैदा नहीं होता। नियम के अंतर्गत दोषियों पर कार्यवाही का डंडा चलेगा ही।
होली पर सख्ती : कई जगह चेक प्वाइंट लगाएगी पुलिस
होली और रंगोत्सव के दौरान होने वाली स्थिति को लेकर पुलिस ने अभी से प्लानिंग कर रखी है। एडिशनल एसपी लखन पटले ने बताया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में व्यवस्था को ठीक करने के लिए अनेक स्थान पर चेक प्वाइंट लगाए जाएंगे। वहां पुलिस बल की तैनाती के साथ निगरानी की जाएगी। जल्द ही गुंडे, बदमाशों की क्लास लगाते हुए उन्हें आवश्यक चेतावनी दी जाएगी। पुलिस का साफ तौर पर कहना है कि होली जरूर मनाएं लेकिन नियम कायदे के साथ। इस दौरान किसी भी तरह की जबरदस्ती या मनमानी की शिकायत आई तो एक्शन जरूर होगा।
इंटरसेप्टर मिलने से आसान हुई जांच
कोरबा में ट्रैफिक के बढ़ते दबाव और हाइवे से लेकर अन्य मार्गों पर दुर्घटनाओं का ग्राफ बढऩे के मद्देनजर ट्रैफिक पुलिस ने विभाग को संसाधनों की जरूरत बताई थी। बीते वर्ष विभाग ने स्थानीय पुलिस को इंटरसेप्टर जैसी अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध कराई है। इसके माध्यम से इलेक्ट्रिानिक्स डिवाइस के साथ पुलिस ओवर स्पीडिंग सहित अनेक मामलों में वाहनों को टारगेट कर रही है।

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