
नैनीताल, २१ फरवरी ।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष पर आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में मुख्य वक्ता साध्वी प्राची ने जिहादियों और वामपंथी ताकतों पर तीखा हमला बोला। कहा, आरएसएस अब युवा हो गया है और घर-घर पहुंच गया है। संघ नहीं होता तो देश सुरक्षित नहीं होता। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण नहीं होता और कश्मीर से अनुच्छेद-370 का खात्मा नहीं होता। मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से मुक्ति नहीं मिलती। उन्होंने हिंदुओं से एकजुटता लाने व जातिमुक्त समाज बनाने का आह्वान किया। मल्लीताल डीएसए मैदान में डीएसबी के प्रो. ललित तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में साध्वी प्राची ने कहा कि धर्म केवल सनातन है, जो विश्व को दिशा देता है। कश्मीर में मस्जिद से एलान किया गया कि हिंदुओ घर खाली कर दो। सात लाख हिंदू परिवारों को घर से निकाल दिया। अब देश का नेतृत्व मजबूत है। देश में दस करोड़ घुसपैठिये, रोहिंग्या बच्चे पैदा कर रोजगार छीन रहे हैं, कत्लेआम कर रहे हैं, इनको कान पकडक़र देश से बाहर किया जाएगा। जिहादी व वामपंथी इसका विरोध कर रहे हैं। 70 साल तक देश को तोडऩे की राजनीति हुई और वर्तमान नेतृत्व देश को जोडऩे की राजनीति कर रहा है। यूजीसी के नोटिफिकेशन पर कहा कि नेतृत्व से गलतियां हो जाती हैं। गलती का समाधान किया जाएगा लेकिन नेतृत्व के लिए इसकी आड़ में बयानबाजी सहन नहीं की जाएगी। इससे पहले साध्वी प्राची ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की खूब सराहना की। कहा कि धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में अवैध मजारों को ध्वस्त किया गया। यूसीसी लाया गया। 2014 से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अमेरिका ने वीजा तक नहीं दिया लेकिन उसके बाद स्वागत किया। अयोध्या के बाद अब मथुरा की बारी है, इसलिए जाति की दीवार तोड़ो। साध्वी ने माताओं से लव जिहाद से बेटियों को बचाने का आह्वान भी किया। बेटियों से काली-कल्याणी बनने व बुर्के वाली कभी मत बनने की अपील की।



















