
एमसीबी। छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले में जिम्मेदारों के अनजान बने रहने से इन दिनों रेत माफियाओं के हौसला बुलंद है। जिले के सीमावर्ती नदियों केवई, ओदारी, मवई नदी में रेत तस्कर एनजीटी नियमों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए पोकलेन और जेसीबी मशीनों से रेत का अवैध उतखनन कर बड़ी बड़ी वाहनों में भरकर परिवहन करते हुए मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश भेज रहे है।
एमसीबी जिले के मध्य प्रदेश की सीमा से लगी हुई सीमावर्ती नदियों ग्राम पंचायत केल्हारी के बिछयाटोला स्थित केवई नदी, ग्राम पंचायत मलकडोल और ग्राम पंचायत घटई स्थित ओदारी नदी, ग्राम पंचायत हरचोका स्थित मवई नदी से रेत माफिया खुलेआम पोकलेन और जेसीबी मशीन से नदी का सीना छलनी कर रेत का अवैध तरीके से उतखनन कर रहे है। जिससे नदी में बड़े बड़े जानलेवा गड्ढे बनते जा रहे है। वहीं जिले के प्रशासन और विभागीय जिम्मेदार अधिकारी अनजान बनकर मुख्यालय में बैठे रहते है। केवई, ओदारी, मवई सीमावर्ती नदियाँ है, ये नदियाँ मध्य प्रदेश की सीमा से लगे हुए है। जिससे रेत माफिया छत्तीसगढ़ की सीमा से पोकलेन और जेसीबी मशीन से रेत निकाल कर बड़ी बड़ी वाहनों से परिवहन कर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश ले जाकर भारी कीमतों में बेंच रहे हैं। रेत माफिया इन नदियों तक वाहनों को आसानी से पहुंचने के लिए नदी के भीतर तक मिट्टी मुरूम की सडक़ बनाई गई है। वहीं रेत मफिया पोकलेन और जेसीबी मशीनों को नदी में उतारकर मशीनों से 05 से 06 मीटर गहरी खुदाई कर नदी के पानी का बहाव को प्रभावित कर एनजीटी के नियमों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ा रहे है। वहीं रेत माफियाओं पर कार्यवाही नहीं होने से क्षेत्र के ग्रामीणजनों में शासन, प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है।





















