
नईदिल्ली, २६ फरवरी ।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एआई समिट में युवा कांग्रेस के शर्टलेस विरोध प्रदर्शन को लेकर बुधवार को कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए आईएनसी (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस) पार्टी को भारत-विरोधी नंगी कांग्रेस करार दिया और उस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ अपशब्द और धमकियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। पूनावाला ने एक प्रेस कान्फ्रेंस में आरोप लगाया कि एआई इंपैक्ट समिट में युवा कांग्रेस के सदस्यों का विरोध प्रदर्शन शर्टलेस, घटिया और बुद्धिहीन था और दावा किया कि इसने देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर शर्मिंदा किया है। उन्होंने कहा, हम सब जानते हैं कि आज, आईएनसी का मतलब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नहीं रह गया है। यह सीसीपी – समझौतावादी कांग्रेस पार्टी, एएनसी – राष्ट्रविरोधी कांग्रेस, एसीपी – अपमानजनक कांग्रेस पार्टी बन गई है ।
पूनावाला ने आरोप लगाया कि जहां अन्य पार्टियों ने विरोध प्रदर्शन की निंदा की, वहीं कांग्रेस ने इसका समर्थन किया है। पूनावाला ने कांग्रेस नेता बरिंदर सिंह ढिल्लों पर आरोप लगाया कि उन्होंने एक विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया। इस तरह की टिप्पणियां प्रधानमंत्री के लिए प्रत्यक्ष रूप से जान से मारने की धमकी के समान हैं। भाजपा ने बुधवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अपने कार्यकाल में बार-बार क्षेत्रीय समझौते किए और भारत की सीमाओं का हमेशा के लिए पुन: निर्धारण कर दिया। भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर सरकार पर कांग्रेस के हमले के जवाब में भाजपा ने विपक्षी दल पर पलटवार किया। भाजपा प्रवक्ता अनिल बलूनी ने कंप्रोमाइज्ड कांग्रेस हैशटैग के साथ एक्स पर लिखा-प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में नेहरू का पहला कर्तव्य था। भारत की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बजाय नेहरू ने तिब्बत, अक्साई चिन, बेरुबारी, पंजाब और कश्मीर के संबंध में समझौते किए। बलूनी ने कहा कि नेहरू ने तिब्बत में भारत के अधिकारों को छोड़ दिया और चीन को कई क्षेत्रों में बढ़त दी। बेरुबारी पर नेहरू-नून के समझौते का जिक्र करते हुए बलूनी ने आरोप लगाया कि प्रथम प्रधानमंत्री ने बंगाल का आधा क्षेत्र बिना कैबिनेट मंजूरी के पाकिस्तान को दे दिया। भाजपा सांसद ने दावा किया-बार-बार समझौते। यह नेहरू का नेतृत्व था। एक व्यक्ति के समझौते करने की वजह से भारत का नक्शा हमेशा के लिए बदल गया।






















