
कोरबा। कोरबा-चांपा मार्ग में स्थापित और संचालित अडाणी समूह की कोरबा पॉवर लिमिटेड की विस्तार परियोजना अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ ही रोजगार का सृजन करेगी। तीसरे चरण के तहत 1600 मेगावाट क्षमता वाली इकाइयां स्थापित करने 27 फरवरी को पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु जनसुनवाई आयोजित की गयी हैं।
उल्लेखनीय हैं की लैंको अमरकंटक पॉवर लिमिटेड का अधिग्रहण करने के बाद इसका नाम कोरबा पॉवर लिमिटेड किया गया। अडाणी पॉवर लिमिटेड ने न केवल अटके पड़े दूसरे फेज के कार्य में गति लाई, बल्कि तीसरे चरण की इकाइयां प्रस्तावित की। कोरबा जिले के ग्राम पताढ़ी स्थित कोरबा पॉवर लिमिटेड की वर्तमान क्षमता 600 मेगावाट की है। विस्तार परियोजना के तहत दूसरे चरण का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके तहत 660 मेगावाट क्षमता वाली दो इकाई (3 एवं 4 नंबर) स्थापित की जाने की योजना हैं। 3 नंबर इकाई की कमिशनिंग मार्च 2026 में की जानी थी, लेकिन इसमें कुछ विलंब बताया जा रहा हैं। बताया गया है कि अब 3 नंबर यूनिट की कमिशनिंग संभवत: अप्रैल-मई में होगी। इसके बाद 4 नंबर यूनिट की कमिशनिंग की जाएगी। दूसरी ओर अधिग्रहण के साथ ही अडाणी पॉवर लिमिटेड ने तीसरे फेज की तैयारी भी शुरू कर दी। तीसरे फेज में कोरबा पॉवर लिमिटेड परिसर में 800 मेगावाट क्षमता वाली 4 एवं 5 नंबर इकाई स्थापित करने की योजना हैं। दोनों इकाइयां अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित होगी। तीसरा चरण पूरा होने के बाद कोरबा पॉवर लिमिटेड की विद्युत उत्पादन क्षमता बढक़र 3520 मेगावाट हो जाएगी। तीसरे चरण की यूनिट्स स्थापित करने के लिए कंपनी को भूमि की आवश्यकता नहीं है। कंपनी के पास 505.58 हेक्टेयर भूमि मौजूद है। इसमें ही 5 एवं 6 नंबर इकाई स्थापित होगी। तीसरे चरण की विस्तार परियोजना की अनुमानित लागत 16,611 करोड़ रुपए है। कंपनी के अनुसार निर्माण चरण में 230 स्थायी एवं 5368 संविदा सहित कुल 5598 लोगों को रोजगार मिलगा। जबकि संचालन चरण 270 स्थायी एवं 2000 संविदा कर्मी नियोजित रहेंगे। दूसरी विस्तार परियोजना से जिले और राज्य का राजस्व बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। बताया गया है कि 1600 मेगावाट क्षमता वाली 6 एवं 7 नंबर इकाई स्थापित करने की भी योजना है।






















