
नई दिल्ली/रायपुर: निजी विमानन कंपनी इंडिगो की तानाशाही और लचर व्यवस्था ने एक बार फिर आम यात्रियों की फजीहत कर दी है। रायपुर से जयपुर जाने का सपना लेकर निकले 40 यात्री आज दिल्ली एयरपोर्ट पर ‘लावारिस’ की स्थिति में छोड़ दिए गए। कंपनी की लापरवाही का आलम यह रहा कि यात्रियों को घंटों विमान में बंधक बनाने के बाद उन्हें सड़क मार्ग (बस) से जाने का तुगलकी फरमान सुना दिया गया।
कुप्रबंधन की पूरी कहानी:
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घंटों की देरी: रायपुर से दिल्ली की फ्लाइट अपने निर्धारित समय से करीब 2 घंटे की देरी से उड़ी। जब यह दिल्ली लैंड हुई, तो यात्रियों को जल्दी उतारने के बजाय करीब 45 मिनट तक प्लेन के अंदर ही कैद रखा गया।
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मुनाफे का खेल: जब यात्री कड़ी मशक्कत के बाद जयपुर की कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने पहुंचे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पता चला कि इंडिगो ने जयपुर जाने वाली फ्लाइट को उसके तय समय से पहले ही रवाना कर दिया।
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टिकटों की कालाबाजारी का आरोप: आक्रोशित यात्रियों का आरोप है कि उनकी कन्फर्म सीटों को इंडिगो प्रबंधन ने रद्द कर दूसरे लोगों को ऊंचे दामों पर बेच दिया, जिसके कारण उन्हें जानबूझकर देरी से उतारा गया।
इंडिगो स्टाफ की बदसलूकी:
जब 40 यात्रियों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर इंडिगो काउंटर को घेरा और अपना हक मांगा, तो समाधान देने के बजाय स्टाफ ने गैर-जिम्मेदाराना जवाब दिया। यात्रियों से कहा गया कि वे अपना टिकट रिफंड लें और बस पकड़कर जयपुर चले जाएं। कई दिनों पहले मोटी रकम देकर हवाई टिकट बुक करने वाले यात्रियों के लिए एयरलाइन का यह रवैया किसी अपमान से कम नहीं था।
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