
नईदिल्ली २७ फरवरी ।
भारत मंडपम में ्र AI India Impact Simmit के दौरान शर्टलेस प्रदर्शन करने के मामले में शिमला से गिरफ्तार तीनों यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता कोर प्लानिंग टीम का हिस्सा था। दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में पेश करने के दौरान यह दलील दी है। पटियाला हाउस स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने तीनों को 3 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मृदुल गुप्ता ने दिल्ली पुलिस की रिमांड याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। दिल्ली पुलिस ने आरोपितों की पांच दिन की हिरासत मांगते हुए दलील दी गिरफ्तार आरोपित सिद्धार्थ अवधूत, सौरभ और अरबाज खान प्रदर्शन की कोर प्लानिंग टीम का हिस्सा थे। तीनों हिमाचल प्रदेश के एक रिसॉर्ट में छिपे थे, जहां से उन्हें गिरफ्तार किया गया। हालांकि, अदालत ने तीन दिन की पुलिस कस्टडी मंजूर की और निर्देश दिया कि रिमांड अवधि पूरी होने पर आरोपितों को एक मार्च को फिर अदालत में पेश किया जाए। पुलिस ने दलील दी कि उन्हें अच्छी तरह पता था कि उनके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वे छिपे हुए थे।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि सिद्धार्थ ने प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शित की गई टी-शर्ट का डिजाइन तैयार किया था, जबकि सौरभ ने वाट्सऐप ग्रुप बनाकर प्रदर्शन के समन्वय में भूमिका निभाई। पुलिस ने दलील दी कि सौरभ और अरबाज प्रदर्शन के दौरान मौके पर मौजूद थे। पुलिस ने दावा किया कि घटना अचानक नहीं बल्कि पूर्व नियोजित थी, जिसमें भूमिकाओं का स्पष्ट बंटवारा, पहचान छिपाने की रणनीति और घटना के बाद समन्वित मूवमेंट शामिल था।
पुलिस ने दलील दी कि एक लाख से अधिक टी-शर्ट छपवाई गई थी और अब उनके प्रिंटिंग स्रोत, फंडिंग, साजिश की रूपरेखा, अंतरराज्यीय समन्वय व अन्य शामिल लोगों की पहचान करना जरूरी है।वहीं, बचाव पक्ष के वकील रूपेश सिंह भदौरिया ने पुलिस की कार्रवाई को विच हंट बताते हुए कहा कि यह शांतिपूर्ण राजनीतिक विरोध था। उन्होंने तर्क दिया कि कोई हिंसा नहीं हुई, किसी पुलिसकर्मी को चोट नहीं पहुंची और गिरफ्तारी के लिए नए आधार मौजूद नहीं हैं। बचाव पक्ष ने इसे विपक्षी दल के युवा संगठन को निशाना बनाने की कार्रवाई बताया।






















