
इस्लामाबाद। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लड़ाई तेज होती जा रही है। अफगानिस्तान ने गुरुवार देर रात इस्लामाबाद, नौशेरा, जमरुद और एबटाबाद में पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए और उन्हें तबाह कर दिया। ये हमले काबुल, कंधार और पकतिया में पाकिस्तानी सेना के हवाई हमलों के जवाब में किए गए थे। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि अफगान सेनाओं ने 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और पाकिस्तान के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हमने 19 पाकिस्तानी सैन्य चौकियों और दो मुख्यालयों पर कब्जा कर लिया है। इस बीच, अफगानिस्तान के ताजा हमले से पाकिस्तान बौखला गया है। उसने अफगानिस्तान के साथ खुली जंग का एलान कर दिया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा-हमारा धैर्य जवाब दे गया है।
हमारे बीच खुला युद्ध छिड़ गया है। पाकिस्तान की सेना समुद्र पार से नहीं आई है। हम आपके पड़ोसी हैं। हम आपकी हर छोटी-बड़ी बात जानते हैं। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने 274 तालिबान लड़ाकों को मार गिराया, जबकि 400 अन्य घायल हो गए। 12 पाकिस्तानी सैनिक शहीद हुए, 27 अन्य घायल हुए और एक लापता है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रावलपिंडी स्थित सेना मुख्यालय का दौरा किया, जहां उन्हें मौजूदा स्थिति की विस्तृत जानकारी दी गई।चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान ने सीमा के पास स्थित 73 अफगान चौकियों को नष्ट कर दिया, जबकि 18 अन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया है। अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने अफगान शहरों पर पाकिस्तानी हवाई हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि देश की जनता किसी भी आक्रामकता का जवाब एकता और साहस से देगी। उन्होंने फेसबुक पर लिखा-पाकिस्तान हिंसा और बमबारी से खुद को मुक्त नहीं कर सकता। ये समस्याएं उसने खुद पैदा की हैं। उसे अपनी नीति बदलनी होगी और अफगानिस्तान के साथ अच्छे पड़ोसी और सम्मान का मार्ग चुनना होगा।
रूस, चीन और ईरान के साथ संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से संघर्ष समाप्त करने और राजनयिक माध्यमों से अपने मतभेदों को सुलझाने का आग्रह किया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने सशस्त्र संघर्ष गहराने पर चिंता व्यक्त की, जिसमें नियमित सेना इकाइयों और भारी हथियारों का इस्तेमाल हो रहा है।चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि एक पड़ोसी और मित्र के रूप में संघर्ष बढऩे से हम चिंतित हैं। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने बातचीत के माध्यम से दोनों देशों से अपने मतभेदों को सुलझाने का आह्वान किया। अफगानिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत रिचर्ड बेनेट ने दोनों देशों से शांति बनाए रखने और मानवाधिकारों का सम्मान करने की अपील की।



























