
कोरबा। मनुष्यों के लिए संकल्प सफलता का सर्वोच्च मार्ग है। इसी भावना के साथ राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए संकल्प आधारित बजट प्रस्तुत किया है, जिसका कुल परिव्यय लगभग 1.72 लाख करोड़ है।
शासकीय महाविद्यालय करतला के प्राचार्य प्रोफेसर मृगेश यादव ने छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा प्रस्तुत बजट के अलग-अलग पक्षों पर दृष्टिपात किया।उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य की विकास नीति को संरचनात्मक परिवर्तन और समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास है। यह केवल व्यय वृद्धि नहीं बल्कि प्राथमिकताओं के पुनर्संयोजन का संकेत है।वाणिज्य और प्रबंधन में विशेषज्ञता रखने वाले प्रोफेसर मृगेश यादव ने कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए ?10,000 करोड़ से अधिक का प्रावधान ग्रामीण आय सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा कृषि आधारित मांग सृजन की रणनीति को मजबूत करता है।इस बजट में ब्याज मुक्त ऋण और सिंचाई सब्सिडी जैसे कदम ग्रामीण क्रय शक्ति बढ़ाकर अर्थव्यवस्था में गुणक प्रभाव उत्पन्न कर सकते हैं। विशेष रूप से बस्तर संभाग के विकास पर केंद्रित प्रावधान उल्लेखनीय हैं। शिक्षा क्षेत्र के साथ सामाजिक सेक्टर पर लगातार मंथन करने वाले प्रोफेसर यादव का यह भी कहना है कि बस्तर क्षेत्र में शिक्षा केंद्रों की स्थापना, बुनियादी ढांचे का विकास, सडक़ संपर्क और औद्योगिक निवेश जैसी पहल क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने हेतु दीर्घकालिक हस्तक्षेप हैं।उन्होंने आगे कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पूंजीगत व्यय बढ़ाने से आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी, सामाजिक स्थिरता की नींव मजबूत होगी और मानव विकास संकेतकों में सुधार होगा।महिला एवं सामाजिक क्षेत्र में निवेश के अंतर्गत रानी दुर्गावती योजना, जिसके तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाली बालिकाओं को ?1.5 लाख की सहायता प्रदान की जाती है, मानव संसाधन निर्माण की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।इसी प्रकार ‘महतारी वंदन योजना’ हेतु लगभग ?8,000 करोड़ का प्रावधान सामाजिक सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करता है।राजकोषीय दृष्टि से, अनुमानित वित्तीय घाटे जीएसडीपी के लगभग 3 प्रतिशत के भीतर बनाए रखने का लक्ष्य वित्तीय अनुशासन को दर्शाता है। हालांकि, इस बजट की वास्तविक सफलता व्यय की गुणवत्ता और परिणाम आधारित निगरानी पर निर्भर करेगी।समग्र रूप से यह बजट क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक निवेश और संस्थागत सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक प्रगतिशील आर्थिक दस्तावेज के रूप में उभरता है। छत्तीसगढ़ के बजट महिलाओं के रजिस्ट्री शुल्क 50 ‘ की छूट नारी उत्थान में मिल का पत्थर साबित होगा















