चंडीगढ़ प्रशासन ने रोकी कन्वेंस डीड, 11३ सहकारी सोसाइटी के 15 हजार फ्लैट धारकों को झटका, खरीद-फरोख्त प्रभावित

चंडीगढ़, 0३ मार्च ।
प्रशासन ने कोआपरेटिव सोसाइटी फ्लैट्स की कन्वेंस डीड पर रोक लगा दी है। इस कारण सेक्टर-48, 49, 50 और 51 की 113 सहकारी सोसाइटी में रहने वाले लगभग 15 हजार फ्लैट धारकों को झटका लगा है। फ्लैट की खरीद-फरोख्त नहीं हो पा रही है।संपदा विभाग के अनुसार वर्ष 2018 में दो साल के लिए नीति बनाई गई थी, जोकि 2025 तक चलती रही। इस समय कन्वेंस डीड की पॉलिसी खत्म हो चुकी है। कन्वेंस डीड न होने के कारण लोग संपदा विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि वास्तव में कोई नीति समाप्त हुई है तो प्रशासन को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए। दस्तावेजों के लंबित रहने से संपत्ति के लेन-देन और वित्तीय लेन-देन पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है। नई नीति तैयार होने तक दस्तावेजों के पंजीकरण पर रोक लगाना उचित नहीं। कई आवास समितियों के सदस्यों के उप-पंजीयक कार्यालय में दस्तावेज लंबित पड़े हैं। इससे फ्लैट मालिकों में चिंता का माहौल है, विशेषकर उन लोगों में जिन्होंने हाल ही में संपत्ति खरीदी है या बैंक ऋण की प्रक्रिया में हैं।हर फ्लैट धारक को कन्वेंस डीड करवानी पड़ती है। जब कोई अलॉटी से आगे फ्लैट खरीदता है तो भी कोऑपरेटिव सोसाइटी ने नो ऑब्जेक्शन प्रमाणपत्र लेने के बाद संपदा विभाग से कन्वेंस डीड करवानी पड़ती है। इसके बिना फ्लैट की खरीद-फरोख्त नहीं हो पा रही है। कई अलॉटी ऐसे भी हैं जो कई वर्षों से फ्लैट में रह रहे हैं लेकिन उन्होंने कन्वेंस डीड नहीं करवाई है। अगर कोई फ्लैट खरीदता है तो उसे कन्वेंस डीड करवाने के लिए संपदा विभाग को अनअर्नड प्रोफिट भी जमा करवाना होता है।

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