शहर में दो स्थानों पर बना चार्जिग स्टेशन

कोरबा। जिले में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने शहर के दो स्थानों में ई चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं। जिसकी टेस्टिंग की गई। जल्द ही इलेक्ट्रॉनिक वाहनों की चार्जिंग का सार्वजनिक विकल्प लोगों को अब शहर में मिलने लगेगा। केंद्र सरकार के नेशनल ग्रीन एयर प्रोग्राम एनसीएपी (एनसीएपी) के तहत ईवी चार्जिंग स्टेशन के इंस्टॉलेशन के लगभग 4 महीने बाद मशीनों का सफलतापूर्वक ट्रायल पूरा कर लिया गया है। दो दिन के ट्रायल के दौरान लगभग 20 वाहनों को सफलतापूर्वक चार्ज किया गया। सफल ट्रायल रन के बाद अब जल्द ही ईवी चार्जिंग स्टेशन को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। निगम द्वारा इसकी तैयारी की जा रही है। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्द ही ईवी वाहनों को घर के बाहर चार्जिंग करने की सुविधा लोगों को मिलने लगेगी। सामान्य तौर पर इलेक्ट्रॉनिक वाहनों को घर पर चार्ज करने में काफी समय लग जाता है, ई-बाइक, स्कूटी और ऑटो रिक्शा जैसे वाहनों को चार्ज करने में भी 5 से 6 घंटे तक का समय लगता है, लेकिन नगर पालिक निगम द्वारा लगाया गए चार्जिंग स्टेशन में वाहन 30 मिनट में ही फुल चार्ज हो जाएंगे। घंटाघर में स्मृति उद्यान के समीप तो सुनालिया चौक से के आगे मल्टीलेवल पार्किंग में चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। इन दोनों ही स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक वाहनों को चार्ज करने के लिए अत्याधुनिक मशीनों को इंस्टॉल किया गया है, जहां प्रत्येक चार्जिंग स्टेशन में एक समय में पांच वाहन चार्ज होंगे। यहां निगम के तकनीकी कर्मचारी भी तैनात किए जाएंगे। इन स्थानों पर इलेक्ट्रॉनिक बस से लेकर कार, जीप, ई-ऑटो, ई बाइक और स्कूटी सभी को चार्ज करने की सुविधा मिलेगी। कोरबा जैसे प्रदूषित शहर में ग्रीन एनर्जी और ग्रीन व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की योजना के तहत ईवी चार्जिंग स्टेशन को तैयार किया गया है। ताकि लोग अधिक से अधिक पेट्रोल और डीजल पर आधारित वाहनों को त्याग कर इलेक्ट्रॉनिक वाहन को अपनाएं, लेकिन अब तक लोगों के पास इलेक्ट्रॉनिक वाहनों को घर के बाहर चार्ज करने का विकल्प मौजूद नहीं था। घर पर भी नॉर्मल चार्जर है, जिससे वाहनों को चार्ज करने में 5 से 6 घंटे का समय लग जाता है। निगम द्वारा स्थापित किए गए चार्जिंग स्टेशन के अस्तित्व में आने के बाद एक सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि आम लोगों को घर के बाहर अपने ई- वाहनों को चार्ज करने का विकल्प मिल जाएगा। सार्वजनिक परिवहन के लिए की ई-आटो चलाने वाले चालक हमेशा इस बात से भयभीत रहते हैं कि सवारी ले जाते समय बीच में ही उनके वाहन की चार्जिंग खत्म हो गई,

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