
नई दिल्ली। ईरान युद्ध के बाद पश्चिम एशियाई क्षेत्र में हवाई क्षेत्र के आंशिक खुलने के बाद से 52 हजार से अधिक भारतीय स्वदेश लौट चुके हैं। शनिवार रात जारी एक बयान में भारतीय विदेश मंत्रालय कहा कि वह पश्चिम एशिया की स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहा है और वहां फंसे अपने नागरिकों को निकालने का प्रयास कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में भारतीय मिशन विस्तृत सलाहें जारी कर रहे हैं। भारतीयों की सहायता के लिए 2437 हेल्पलाइन स्थापित की गई हैं। भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण की सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। इस क्षेत्र में अपने सभी जरूरतमंदों की सहायता के लिए वह संबंधित सरकारों के साथ संपर्क में है।
विदेश मंत्रालय ने सभी भारतीय नागरिकों से स्थानीय अधिकारियों के दिशा-निर्देशों और भारतीय मिशनों द्वारा जारी सलाहों का पालन करने का आग्रह किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद पिछले कुछ दिनों से भारतीय और विदेशी एयरलाइंस वाणिज्यिक उड़ानें संचालित की जा रही हैं। अब तक, 52 हजार से अधिक भारतीयों ने इन उड़ानों का लाभ उठाया है। एक से 7 मार्च के बीच 32,107 लोगों ने भारतीय कैरियर के माध्यम से यात्रा की है। आने वाले दिनों में और उड़ानों की योजना बनाई गई है।





















