
साहिबाबाद (गाजियाबाद)। एक तरफ प्रदेश सरकार बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा देने के तमाम दावे करती है, दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा देते हैं। विद्युत निगम ने बीते छह माह में बिना सूचना दिए ही करीब एक लाख से अधिक उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन का लोड बढ़ा दिया। किसी का एक किलोवाट से पांच किलोवाट तक कर दिया गया तो किसी का दो किलोवाट से सात किलोवाट कर दिया गया है। वहीं, इससे उपभोक्ताओं का बिजली बिल भी तीन से चार गुना तक बढ़ गया है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
जिले में 11 लाख से अधिक उपभोक्ता
जिले के तीनों जोन में विद्युत निगम के करीब 11 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। जोन एक (गाजियाबाद शहर) में 2.50 लाख, जोन-दो (लोनी, मुरादनगर व मोदीनगर) में 4.50 लाख व जोन-तीन (ट्रांस हिंडन) में 4.10 लाख उपभोक्ता हैं। बीते छह से उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन के लोड बढ़ाने के मामले सबसे अधिक सामने आए हैं. उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले विद्युत निगम के कार्यालयों में जाकर लोड बढ़वाना होता था, लेकिन अब विद्युत निगम बिना सूचना दिए ही लोड बढ़ा रहा है। उपभोक्ता बढ़े हुए लोड को कम कराने के लिए विद्युत निगम के कार्यालयों के चक्कर भी काट रहे हैं। इसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।
वहीं, निगम के कार्यालयों के बाहर लोड कम कराने के लिए दलाल भी सक्रिय हैं, जो इसके एवज में रुपयों की डिमांड करते हैं। इसकी शिकायतें भी विद्युत निगम में लगातार आ रही हैं।
लोड कम कराने के लिए दो माह का दिया जा रहा समय
एक बार लोड बढ़ने पर कम कराने के लिए उपभोक्ताओं को दो माह का समय दिया जा रहा है। विद्युत निगम के अधिकारियों का कहना है कि अगर एक बार लोड बढ़ जाता है तो उपभोक्ताओं को दो माह तक उतने लोड का उपयोग करना पड़ता है जितना वह कराना चाहता है। इसके बाद ही सिस्टम में लोड कम होता है। साथ ही उपभोक्ता पर बकाया भी नहीं होना चाहिए।





















