
कोरबा। निगम की जल आवर्धन योजना फेस-1 से छूटी बस्तियों और मोहल्लों में पानी पहुंचाने डीएमएफ से 36 करोड़ की मंजूरी मिली है। इसके लिए 30 करोड़ का टेंडर जारी कर किया गया है। टेंडर 18 मार्च को खुलेगा। योजना के तहत 6 एमएलडी के पुराने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को डिस्मेंटल कर 20 एमएलडी क्षमता का नया प्लांट बनाया जाएगा। इसके साथ दादर, रूमगरा और ईमलीडुग्गू में नई पानी टंकियां बनेगी। इसका फायदा 10 वाडों की 58 हजार आबादी को मिलेगा।
जल आवर्धन योजना फेस-1 वर्ष 2014 में पूरी हो गई थी। 132 करोड़ रुपए की योजना में 42 वाडों को शामिल किया गया था। इसके बाद जल आवर्धन योजना फेस-2 पश्चिम क्षेत्र के 25 वार्डों के लिए बनाई गई थी। इसमें 229 करोड़ 36 लाख र रुपए की राशि खर्च की थी। फेस-1 का काम जब पूरा हुआ, उस समय आबादी कम थी और बस्तियां भी नहीं बनी थीं। 10 साल में वार्डों के क्षेत्रों का विस्तार हो गया। इसके साथ ही पानी टंकियों की क्षमता कम होने से अंतिम छोर तक प्रेशर के साथ पानी नहीं पहुंच पाता है। इसी वजह से विस्तार के लिए योजना बनाई गई है। 10 वार्डों की आबादी अभी 57,740 है। 15 साल में यह बढक़र 86 हजार तक पहुंच जाएगी। इस योजना को 30 साल आगे आबादी के हिसाब से बनाया गया है। वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। इसके लिए ही 6 एमएलडी क्षमता के ट्रीटमेंट प्लांट को डिस्मेंटल कर 20 एमएलडी का बनाया जाएगा। अभी 79 एमएलडी क्षमता का प्लांट है। नए प्लांट से क्षमता 93 एमएलडी हो जाएगी। इमलीडुग्गू के खंडाला बस्ती, मोती सागरपारा के नीचे मोहल्ला, दादर के डेलवाडीह जैसे बस्तियों में पूरे प्रेशर के साथ पानी पहुंचेगा। इससे गर्मी के दौरान लोगों को पानी की परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगा। निगम गर्मी के समय बिजली बस्तियों में 6 टैंकर से पानी आपूर्ति करता है। इसके अलावा इन बस्तियों में बोर से पानी आपूर्ति की जा रही है। सबसे अधिक समस्या गर्मी के मौसम में 4 महीने रहती है। इस योजना से आगे समस्या नहीं होगी। सुनालिया पानी टंकी से इमलीडुग्गू, बरबसपुर तब पानी आपूर्ति की जाती है। इसकी दूरी ही करीब 7 किमी है। इसी तरह बालको से रूमगरा तक पानी की आपूर्ति होती है। इसके कारण प्रेशर के साथ पानी नहीं पहुंच पाता। इसी वजह से नई पानी टंकियां बनेगी। इसके बाद समस्या नहीं रहेगी।























