
सूरजपुर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर सूरजपुर जिले में नारी सम्मान अंतर्गत विभिन्न भव्य आयोजन किये गये। पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी ऑडिटोरियम, तिलसिंवा में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उत्कृष्ट कार्य करने वाली 72 महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ऑडिटोरियम में उपस्थित जन प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बस्तर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के वर्चुअल साक्षी बने, जहां से महतारी वंदन योजना की 25वीं किस्त राशि का अंतरण मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। जिसमें जिले के 2,11,965 हितग्राहियों के खाते में ऑलाईन अंतरण किया गया।
महिला दिवस का उत्साह केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहा। जिले भर में विकासखंड स्तर पर भी भव्य महतारी वंदन सम्मेलन एवं महिला मढ़ई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत भवन लटोरी, मंगल भवन प्रतापपुर, रामानुजनगर-प्रेमनगर, भैयाथान तथा ओडग़ी में हजारों महिलाएँ एकत्रित हुईं और इस उत्सव में उमंग के साथ सहभागी बनीं। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक उन्नति पर अपने विचार व्यक्त किए। समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और महिलाओं को समान अवसर प्रदान करना हम सभी की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के सम्मान में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें जागरूकता कार्यक्रम, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा महिला अधिकारों पर चर्चा शामिल रही। साथ ही समाज में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणी देवपाल सिंह पैकरा ने उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सूरजपुर जिले की महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रही हैं कृ चाहे वह स्वयं सहायता समूह के माध्यम से उद्यमिता हो, शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन हो या ग्रामीण विकास में सक्रिय सहभागिता। उन्होंने कहा कि जब एक महिला आत्मनिर्भर बनती है, तो उसका पूरा परिवार और समाज आगे बढ़ता है। श्रीमती पैकरा ने महतारी वंदन योजना, बिहान एवं स्वयं सहायता समूह जैसी शासकीय योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका मूल उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें सम्मानपूर्ण जीवन प्रदान करना है। उन्होंने विशेष रूप से उन महिलाओं की सराहना की जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने हौसले को बुलंद रखा और सफलता के नए मापदंड स्थापित किए। अपने उद्बोधन के अंत में उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से आह्वान किया कि बेटियों की शिक्षा सुनिश्चित करें, महिलाओं को आगे बढऩे के समान अवसर दें और लैंगिक भेदभाव को जड़ से समाप्त करने में योगदान दें, क्योंकि महिलाओं का सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि सबकी सामूहिक और सतत जिम्मेदारी है। कलेक्टर एस. जयवर्धन ने उपस्थित महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक नीतिगत लक्ष्य नहीं, बल्कि सच्चे और समग्र विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि जिस समाज में महिलाएँ शिक्षित, स्वस्थ और आत्मनिर्भर होती हैं, वह समाज निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहता है। कार्यक्रम में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों के स्टॉल लगाए गए तथा स्थानीय पोषक व्यंजनों का भी प्रदर्शन किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एनीमिया जाँच एवं बीएमआई आकलन हेतु विशेष स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई गई जैसे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा स्टॉल लगाएगा जिसमें जल जीवन मिशन अंतर्गत जिले के समस्त जल स्रोतों का एफटीसी फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण एवं प्रशिक्षण प्रदान किया गया। वन विभाग द्वारा लगाए गए स्लॉट में हर्बल उत्पाद के अंतर्गत विभिन्न उत्पाद जैसे शहर चवनप्राश मधुमेह नाशक चूर्ण वाला अचार वाला कैंडी त्रिफला चूर्ण जामुन जो शादी का प्रदर्शनी लगाया गया। शिक्षा विभाग द्वारा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की बालिकाओं द्वारा कबाड़ से जुगाड़ कर सामग्री निर्मित की गई समस्त सामग्रियों का निर्माण कम से कम लागत में किया गया है, उपरोक्त पहल छात्रों की क्षमता एवं तार्किक विकास को बढ़ावा दे रही है। उद्यान विभाग के द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई जिसमें हितग्राही मूलक योजनाएं जो विभाग के द्वारा संचालित हैं जैसे सब्जी क्षेत्र विस्तार योजना अंतर्गत सब्जी फल फूल पुष्प के बारे में किसानों को जानकारी प्रदान की गई एवं पौध बीच का वितरण भी किया गया। कृषि विभाग के द्वारा भी स्टॉल लगाया गया था जिसमें प्राकृतिक खेती के अंतर्गत जैविक खाद्य, जीवामृत आदि के संबंध में महिला स्वयं सहायता समूह एवं उपस्थित महिलाओं को जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में श्रीमती नूतन विश्वास, श्रीमती विजयलक्ष्मी शुक्ल, पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष भीमसेन अग्रवाल, श्री मुकेश गर्ग, सुश्री नेहा तिवारी, बबलू गोयल, मूरलीमनोहर सोनी, दिपेन्द्र सिंह चौहान, राजेश्वर तिवारी, संदीप अग्रवाल,शशीकांत गर्ग, सचिन गोयल, रामकृपाल साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, महिला एवं बाल विकास जिला कार्यक्रम अधिकारी शुभम बंसल, विभागीय अधिकारी-कर्मचारीगण एवं जिले भर से बड़ी संख्या में महिलाएँ उपस्थित थीं।



















