क्रेडिट बंद होने से पेट्रोल पंपों पर तेल का संकट

ऊना। प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति को लेकर संकट की स्थिति खड़ी हो गई है। केंद्र सरकार भले ही बार-बार तेल की कोई कमी न होने का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी स्तर पर कई पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म होने की स्थिति बन गई है। खासकर एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम) के कई पंप या तो पूरी तरह सूख चुके हैं या फिर जल्द खाली होने की कगार पर हैं। तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंप डीलरों को दी जाने वाली क्रेडिट सुविधा अचानक बंद कर दी है और डीलरों को अपने सभी बकाया भुगतान तुरंत चुकाने के निर्देश दिए हैं। कंपनी के इस फैसले से डीलरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।दरअसल पेट्रोल पंप कंपनियां अपने डीलरों को तेल लेने के लिए क्रेडिट सुविधा देती थीं और इसके बदले करीब 18 प्रतिशत ब्याज भी लेती थी। डीलर इस सुविधा का उपयोग बाजार में करते हुए सरकारी विभागों की गाडिय़ों या बल्क उपभोक्ताओं को भी उधार पर तेल उपलब्ध करवाते थे। लेकिन अचानक कंपनी द्वारा यह सुविधा बंद करने के बाद डीलरों को कहा गया है कि अब सिर्फ एडवांस भुगतान करने पर ही तेल की सप्लाई दी जाएगी। डीलरों का कहना है कि रातों-रात इतनी बड़ी राशि की व्यवस्था करना संभव नहीं है, जिसके कारण कई पेट्रोल पंपों पर तेल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। स्थिति यह है कि प्रदेश के कई एचपीसीएल पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म हो चुका है, जबकि कई पंप संचालक ग्राहकों से कम मात्रा में ही तेल भरवाने की अपील कर रहे हैं, ताकि उपलब्ध स्टॉक कुछ समय तक चल सके। यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में प्रदेश के कई क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत बढ़ सकती है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ परिवहन और अन्य सेवाओं पर भी असर पडऩे की आशंका है। प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति को लेकर संकट की स्थिति खड़ी हो गई है। केंद्र भले ही बार-बार तेल की कोई कमी न होने का दावा कर रहा है।

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