
नईदिल्ली, १२ मार्च ।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को लोगों से अपील कि वे पश्चिम एशिया में जंग के कारण रसोई गैस आपूर्ति में आई बाधा के मद्देनजर अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराएं नहीं। उन्होंने कहा कि केवल सत्यापित जानकारी का ही प्रसार होना चाहिए। प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी देशभर में होटल उद्योग को प्रभावित करने वाली कामर्शियल गैस (एलपीजी) की कमी और इस मुद्दे पर विपक्ष की आलोचना के साथ-साथ आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की संभावित किल्लत या कीमतों में उछाल की आशंकाओं के बीच आई है।उधर, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि किसी भी पेट्रोलियम उत्पाद की कमी नहीं होने जा रही है। रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है।अगर आप आज सिलिंडर बुक करते हैं तो महज दो से तीन दिन के भीतर आपूर्ति आपके घर तक सुनिश्चित की जाएगी।प्रेट्र के अनुसार, मोदी ने तमिलनाडु के त्रिचिरापल्ली में राजग की एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा- मैं लोगों से अपील करना चाहूंगा कि हम केवल सही और सत्यापित जानकारी ही फैलाएं। उनका इशारा खाड़ी क्षेत्र को प्रभावित करने वाले अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण आपूर्ति में व्यवधान से उत्पन्न एलपीजी संकट की ओर था। उन्होंने कहा कि इस टकराव ने पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा- घबराने या अफवाहों पर ध्यान देने की कोई जरूरत नहीं है। साथ ही कहा कि हमारी सरकार हमेशा देश हित को सर्वोपरि रखती है। विश्वास है कि एक राष्ट्र के रूप में हम हर परिस्थिति का सफलतापूर्वक सामना करेंगे। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से वैश्विक आपूर्ति को सुचारू रखने की कोशिश जारी है और साथ ही घरेलू स्तर पर एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है। सुजाता ने आम जनता से भी आग्रह किया है कि वो घबराहट में बुकिंग ना करें और ना ही जरूरत से ज्यादा एलपीजी सिलिंडर घर में जमा करने की कोशिश करें। बुकिंग के दो से तीन दिनों के बीच सिलिंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
होर्मुज जल मार्ग के प्रभावित होने से एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है लेकिन दूसरे विकल्पों से इसकी भरपाई की जा रही है। सुजाता ने बताया कि भारत में 14.9 करोड़ मीट्रिक टन गैस की खपत रोजाना होती है, जिसमें 4.8 करोड़ टन होर्मुज जल मार्ग से आती है और घरेलू स्तर पर 9.75 करोड़ टन उत्पादन होता है।पश्चिम एशिया संकट के शुरू होने के बाद घरेलू रिफाइनरियों ने एलपीजी का उत्पादन बढ़ा दिया है। अभी तक 25 प्रतिशत उत्पादन बढ़ा है। एलपीजी उत्पादन के आवंटन में घरेलू क्षेत्रों को प्राथमिकता देने का फैसला एक दिन पहले ही लागू किया गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया है कि मौजूदा हालात में रसोई गैस को जमा करना एक बड़ी समस्या के तौर पर सामने आने का खतरा है। इस कालाबाजारी को रोकने के लिए तेल कंपनियों के अधिकारी राज्यों के संबंधित विभागों के साथ मिलकर कदम उठा रहे हैं। कच्चे तेल की आपूर्ति के बारे में पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि भारत में रोजाना 55 लाख बैरल की जरूरत है और पश्चिम एशिया संकट के बावजूद सरकारी कंपनियां रोजाना इतनी नई खरीद कर रही हैं। अगले कुछ दिनों में रूस से भी आपूर्ति बढ़ जाएगी। दो क्रुड, दो एलएनजी टैंकर जल्द ही भारत पहुंच रहे हैं। भारत अभी 40 देशों से क्रुड की खरीद कर रहा है। भारत के लिए अभी आपूर्ति कोई बड़ी समस्या नहीं है। हां, जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें अस्थिर हैं, वह चिंता की बात है।
केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एलपीजी आपूर्ति पर कड़ी नजर रखने और सिङ्क्षलडर की जमाखोरी तथा कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए हैं। गृह सचिव गोङ्क्षवद मोहन ने देश के विभिन्न हिस्सों से गैस सिलिंडर की कमी की खबरें आने के बाद बुलाई गई एक ऑनलाइन बैठक की अध्यक्षता की। इसमें राज्यों के मुख्य सचिव, उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अधिकारी और पुलिस महानिदेशक शामिल हुए। अधिकारियों को देश में ईंधन की कथित कमी को लेकर किसी भी तरह की अफवाह फैलाने पर रोक लगाने के लिए कदम उठाने को भी कहा गया है।















