
जबलपुर, १२ मार्च ।
सिंगरौली जिले में 15 वर्षीय किशोर की निर्मम हत्या के बाद बुधवार रात माहौल हिंसक हो गया। आक्रोशित भीड़ ने मोरवा थाने पर हमला करते हुए जमकर पत्थरबाजी की और पुलिस वाहनों को निशाना बनाया।
हालात काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोडऩे के साथ लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान कुछ उपद्रवियों ने पेट्रोल बम भी फेंके। घटना के दौरान रात करीब 10 बजे गुस्साई भीड़ ने पंकज गुप्ता के घर के बाहर खड़ी एक कार में आग लगा दी। पुलिस अब उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है। इस मामले में हत्या के दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है।पुलिस के अनुसार साईंनगर निवासी 15 वर्षीय पवन शाह को उसके ही परिचित सुधांशु गुप्ता और इरशाद खान शराब पिलाने के बहाने सुनसान स्थान पर ले गए। वहां गला दबाकर और पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी। पवन नौ मार्च से लापता था। बुधवार को उसका क्षत-विक्षत शव एक सूने घर में मिला, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव और आक्रोश फैल गया। जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने हत्या के बाद शव को काली प्लास्टिक की पन्नी में लपेटकर छिपा दिया था।
उनका इरादा रात के अंधेरे में शव को जंगल में ले जाकर जला देने का था, ताकि वारदात का कोई सुराग न मिले। हालांकि इससे पहले ही पुलिस को शव मिल गया और साजिश का खुलासा हो गया।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि होली के दिन पवन का इरशाद, सुधांशु और पंकज से रंग लगाने को लेकर विवाद हुआ था। बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया था, लेकिन आरोपितों के मन में रंजिश बनी रही। इसी के चलते उन्होंने पवन को पार्टी के बहाने बुलाया और मौका पाकर उसकी हत्या कर दी। हालांकि मृतक के परिजनों का दावा है कि विवाद रंग लगाने को लेकर नहीं, बल्कि होली के दिन मोहल्ले में अवैध शराब बिक्री को लेकर हुआ था। परिजनों का आरोप है कि इरशाद एक अवैध शराब दुकान में काम करता था और उसी बात पर कहासुनी के बाद इस वारदात को अंजाम दिया गया।पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।















