
कोरबा। शहर के वार्ड क्रमांक 29 मुड़ापार बायपास के निवासी इन दिनों असामाजिक तत्वों से परेशान हैं। क्षेत्र में दीगर मोहल्ले पहुंचे असामाजिक तत्व शराब सेवन के बाद देर रात हंगामा करते हैं और अश्लील गालियां देने के बाद आसपास स्थित घरों में पथराव व तोडफ़ोड़ करने के साथ सरकारी संपत्ति (बिजली मीटर) को नुकसान पहुंचाते हैं।
यह सिलसिला काफी दिनों से चल रहा है, जिसकी शिकायत पीडि़त लोगों द्वारा कई बार मानिकपुर चौकी पुलिस में की जा चुकी है लेकिन यहां के रहवासियों के लिए सरदर्द बने इन असामाजिक तत्वों पर पुलिस कार्यवाही करने के बजाय शिकायतकर्ताओं को ही वापस चलता कर देते हैं, जिससे असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं और उनकी गतिविधियां दिनों-दिन बढ़ती जा रही है, जो एक दिन पुलिस के लिए भी सिरदर्द बन सकती है। क्षेत्र के निवासियों ने बताया कि बायपास रोड पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा प्रतिदिन दिन ढलने के बाद होता है जहां वे एक स्थान पर बैठकर छक कर शराब का सेवन करते हैं और उसका शुरूर चढ़ते ही हंगामा करने के बाद गाली-गलौज शुरू कर देते हैं।
इतना ही नहीं आसपास के घरों में पथराव करने के साथ ही घरों के बाहर लगे बिजली के मीटर, कैमरे व अन्य सामानों को तोडफ़ोड़ कर काफी नुकसान पहुंचाते हैं। विरोध करने पर मारपीट पर भी उतारू हो जाते हैं। लंबे समय से चल रहे असामाजिक तत्वों की इन हरकतों ने क्षेत्रवासियों का जीना हराम कर दिया है। ऐसा नहीं है कि पीडि़त लोगों द्वारा घटनाओं की शिकायत नहीं की जाती, पीडि़त लोगों द्वारा कई बार शिकायत मानिकपुर चौकी में की गई लेकिन पुलिस द्वारा क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करने के बजाय 151 या अन्य साधारण धारा लगाने के बाद असामाजिक तत्वों को खुला छोड़ देते हैं जिससे उनके हौसले और भी बुलंद होते जा रहे हैं। क्षेत्रवासियों की मांग है कि पुलिस बायपास मार्ग पर रात्रि 10 बजे के बाद गश्त करें और बेलगाम हो चुके असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाएं जिससे क्षेत्रवासी चैन से रह सके। खबरों के अनुसार बीती रात भी बायपास रोड स्थित निषाद च्वाइस सेंटर व आसपास घरों में तोडफ़ोड़ व पथराव हुआ, जहां च्वाइस सेंटर में निगरानी के लिए लगाए गए कैमरे तथा बिजली मीटर को असामाजिक तत्वों द्वारा तोडफ़ोड़ कर नुकसान पहुंचाया गया है जिसकी शिकायत उसके संचालक द्वारा आज मानिकपुर पुलिस चौकी में करते हुए इसकी जांच कराए जाने तथा दोषी लोगों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की गई है। अब देखना यह है कि मानिकपुर पुलिस चौकी मामले में कोई कार्यवाही करती है अथवा पूर्व की भांति इसे भी ठंडे बस्ते में डालकर अपराधियों को खुला छोड़ देती है।



















