
नई दिल्ली। दिल्ली में पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एआई समिट में हुए विरोध प्रदर्शन मामले में आरोपी राजीव कुमार को 28 मार्च तक अंतरिम जमानत दे दी है। साथ ही अदालत ने उसे जांच में शामिल होने और जांच अधिकारी के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित बंसल ने राजीव की याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि याचिकाकर्ता 16 मार्च को जांच अधिकारी के साथ जांच में शामिल होगा और आगे भी जब-जब बुलाया जाए, जांच में सहयोग करेगा।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड साफ
सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से अधिवक्ता नागेंद्र कुमार और अमरीश रंजन पांडेय ने दलील दी कि उनका मुवक्किल व्यक्तिगत हैसियत में एक मीडिया कंसल्टेंट है और उसने समिट के लिए स्वतंत्र रूप से पंजीकरण कराया था। बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड साफ है और वह जांच में सहयोग करने के लिए तैयार है।
वहीं, आरोपी मनीष शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। अदालत इस पर अब 18 मार्च को फैसला सुनाएगी।
यह मामला 20 फरवरी को हुए उस विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जब भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाइसी) के कुछ कार्यकर्ता एआई समिट के आयोजन स्थल में घुस गए थे और विरोध प्रदर्शन किया था।

























