
सक्ती। स्वास्थ्य विभाग ने अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। जिला प्रशासन ने दो ऐसे क्लीनिकों को तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया, जहां बिना वैध डिग्री और पंजीयन के मरीजों का इलाज किया जा रहा था।
इस कार्रवाई का नेतृत्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूजा अग्रवाल और नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. सुदर्शन भारद्वाज ने किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिले में शिकायतों और नियमित निरीक्षण अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में जांच की। जांच के दौरान स्टेशन रोड सक्ती स्थित एक मकान में बिना वैध डिग्री और पंजीयन के मरीजों का इलाज किया जा रहा था।इसी प्रकार, ग्राम टेमर क्षेत्र में भी अवैध तरीके से चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही थीं।
संबंधित व्यक्तियों ने किसी भी वैध दस्तावेज को प्रस्तुत नहीं किया, जिससे स्पष्ट हुआ कि वे अवैध रूप से चिकित्सा कार्य कर रहे थे। जांच में मिली जानकारी के आधार पर दोनों क्लीनिकों को तुरंत सील कर दिया गया।
इसके साथ ही आगे की वैधानिक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। विभाग ने बताया कि ऐसे किसी भी अवैध क्लीनिक के संचालक के खिलाफ नर्सिंग होम एक्ट और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूजा अग्रवाल ने कहा, ‘बिना वैध डिग्री, पंजीयन और अनुमति के किसी भी प्रकार का चिकित्सा कार्य पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

















