
जांजगीर। एसआईआर के बाद अब जनगणना की तैयारी शुरू हो गई है। पहले चरण में 1 से 30 मई के बीच जिले के हर मकान और भवन का सूचीकरण किया जाएगा। इस दौरान कुल 33 सवालों के माध्यम से व्यक्तिगत और पारिवारिक जानकारी ली जाएगी।
जवाब पूछकर पोर्टल पर अपलोड करेंगे। खास बात यह है कि परिवार की गणना चूल्हे और निकासी द्वार के आधार पर भी की जाएगी। यानी घर में जितने चूल्हे होंगे, उतने परिवार दर्ज किए जाएंगे। यदि एक मकान में 50 लोग रहते हों लेकिन चूल्हा एक ही हो, तो परिवार की संख्या एक ही मानी जाएगी। सिर्फ लोगों की संख्या ही नहीं, बल्कि घर की बनावट से जुड़ी जानकारी भी दर्ज होगी। जैसे घर की फर्श मिट्टी की है या टाइल्स और ग्रेनाइट की, दीवार और छत किस सामग्री की बनी है, घर में कितने कमरे हैं, कितने विवाहित दंपति रहते हैं, इन सभी सवालों के जवाब लिए जाएंगे। मकानों की गिनती के साथ लोगों से 33 सवालों। जनगणना में लोगों की जीवन-शैली, रहने की स्थिति और सामाजिक-आर्थिक हालात का सटीक आंकड़ा लिए जाएंगे। सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल खोलने पर राज्य का नाम, जिला का नाम, घर के मुखिया का नाम, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी डालना होगा। इसके बाद आपके मोबाइल पर ओटीपी आएगा। इसके वेरिफाई होने पर आपकी लॉगिंग होगी। इसके बाद जिला, विकासखंड, गांव और शहरी क्षेत्र में शहर का नाम, वार्ड नंबर, मोहल्ला, पिनकोड भरना होगा। इसके बाद गूगल मैप से घर की तस्वीर सलेक्ट करनी होगी। दूसरे चरण में परिवार की जीवन-शैली से जुड़े सवाल भी शामिल होंगे। घर में रेडियो, टीवी, इंटरनेट, कंप्यूटर, मोबाइल या स्मार्टफोन है या नहीं, इसकी जानकारी ली जाएगी।
साथ ही साइकिल, बाइक, कार जैसे साधनों का विवरण भी दर्ज होगा। परिवार में कितने लोग रहते हैं, मुख्य अनाज गेहूं है या चावल, पीने के पानी का स्रोत क्या है और मोबाइल नंबर तक पूछा जाएगा, ताकि हर परिवार का सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइल तैयार हो सके। 33 सवालों के जरिए हर घर की पूरी जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें भवन संख्या, घर का उपयोग, फर्श-दीवार-छत किस सामग्री की है, घर किराए का है या खुद का, कितने कमरे हैं और कितने विवाहित दंपती रहते हैं, यह सब पूछा जाएगा। परिवार के मुखिया का नाम, लिंग और सामाजिक वर्ग की जानकारी भी दर्ज होगी। पानी, बिजली, शौचालय, रसोई, गैस कनेक्शन, ईंधन और अपशिष्ट निकासी जैसी सुविधाओं का भी पूरा विवरण लिया जाएगा।

















