
रियाद, १९ मार्च ।
मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है क्योंकि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब पड़ोसी देशों को भी अपनी चपेट में ले रहा है। ताजा हमलों में सऊदी अरब की राजधानी रियाद और कतर के ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया गया है, जिससे क्षेत्र में बड़े युद्ध की आशंका गहरा गई है। सऊदी अरब के रक्षा बलों ने रियाद की ओर बढ़ती एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही मार गिराया। हालांकि, नागरिक सुरक्षा विभाग के अनुसार, मिसाइल को रोके जाने के बाद उसके मलबे और छर्रे शहर के एक रिहायशी इलाके में गिर गए।इस घटना में चार स्थानीय निवासी घायल हुए हैं और कुछ इमारतों को मामूली नुकसान पहुँचा है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है लेकिन अलर्ट जारी रखा है।रणनीतिक रूप से एक और बड़े घटनाक्रम में, ईरान की मिसाइलों ने कतर स्थित एक प्रमुख गैस संयंत्र को अपना निशानाबनाया है। कतर, जो दुनिया के सबसे बड़े गैस निर्यातकों में से एक है, के ऊर्जा ढांचे पर यह हमला वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए चिंता का विषय बन गया है। इस हमले के बाद संयंत्र में परिचालन पर पडऩे वाले प्रभाव का आकलन किया जा रहा है।
यह हमला उस समय हुआ है जब अमेरिका और इजराइल की सेनाएं ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। ईरान ने चेतावनी दी थी कि यदि उसके हितों पर हमला हुआ, तो वह न केवल इजरायल बल्कि उन देशों को भी निशाना बनाएगा जो पश्चिमी शक्तियों को सहयोग दे रहे हैं या उनके सैन्य अड्डों की मेजबानी कर रहे हैं। रियाद और कतर पर हुए ये हमले इसी जवाबी कार्रवाई का हिस्सा माने जा रहे हैं।खाड़ी देशों में छिड़े इस ताजा संघर्ष ने दुनिया भर की चिंता बढ़ा दी है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि कतर के गैस संयंत्र और सऊदी अरब जैसे तेल उत्पादक देशों पर हमलों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। वहीं, कूटनीतिक स्तर पर इस युद्ध को रोकने की कोशिशें फिलहाल विफल साबित हो रही हैं।

















