
चंडीगढ़, 1९ मार्च ।
शिरोमणि अकाली दल के प्रधान और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने पूर्व आईएएस अधिकारी केजीएस चीमा को शिरोमणि अकाली दल में शामिल कराया। इस दौरान बादल ने आरटीआई के आंकड़ों का हवाला देते हुए राज्य सरकार के दावों पर सवाल उठाए और कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर चिंता जताई। बादल ने केजीएस चीमा को शिरोमणि अकाली दल की सदस्यता दिलाई। उन्होंने कहा कि चीमा का लंबा प्रशासनिक अनुभव पार्टी के लिए एक बड़ी ताकत साबित होगा और वह पंजाब के लोगों की आवाज को मजबूती से उठाने में अहम भूमिका निभाएंगे। इस मौके पर बादल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीयप्रकाश सिंह बादल के कार्यकाल के दौरान ‘संगत दर्शन’ के जरिए गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनी जाती थीं और उनके समाधान को प्राथमिकता दी जाती थी। उन्होंने कहा कि उस समय प्रशासनिक स्तर पर लिए गए फैसलों को जमीन पर लागू करने की प्रक्रिया भी प्रभावी थी। मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि निवेश को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन आरटीआई से सामने आए आंकड़े इन दावों से मेल नहीं खाते। उनके अनुसार सरकार जहां लाखों करोड़ रुपये के निवेश की बात कर रही है, वहीं आरटीआई के मुताबिक 2022 से 2026 के बीच सीमित निवेश ही पंजाब में आया है। आरटीआई के हवाले से बादल ने कहा कि सिर्फ 2600 करोड़ का ही निवेश आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता को भ्रमित करने के लिए आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी उन्होंने चिंता जताई और कहा कि प्रदेश में अपराध और गैंगस्टर गतिविधियों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति संतोषजनक नहीं है और लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। इसके अलावा, बादल ने कहा कि उनकी पार्टी द्वारा शुरू की गई ‘पंजाब बचाओ यात्रा’ का उद्देश्य प्रदेश के मौजूदा हालात को उजागर करना और लोगों तक पहुंच बनाना है। उन्होंने कहा कि अकाली दल एक पुरानी और क्षेत्रीय पार्टी है, जो लंबे समय से पंजाब के हितों के लिए काम करती रही है। अंत में उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पार्टी के साथ जुड़ें और राज्य के विकास तथा स्थिरता के लिए सहयोग करें।

















