गैस फील्ड पर हमले को लेकर ट्रंप-नेतन्याहू में दरार

इजरायल, २० मार्च ।
मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। हाल ही में इजरायल ने ईरान के महत्वपूर्ण साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर हमला किया। जिसके बाद से ईरान इजरायल के साथ-साथ खाड़ी देशों में ऊर्जा संयत्रों पर हमले कर रहा है। इसका खामियाजा भारत, चीन समेत दुनिया के कई देशों को भुगतना पड़ सकता है। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच बड़ा मतभेद खुलकर सामने आए हैं। ईरान के साउथ पार्स गैस पर हुए हमले को लेकर ट्रंप ने कहा कि मैनें इजरायल से ऐसा न करने के लिए कहा था। दरअसल, ईरान के साउथ पार्स गैस पर इजरायल द्वारा किए हमले के बाद ईरान भी खाड़ी देशों के ईधन वाले जगहों को निशाना बना रहा है। इसको लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि वह ईरान की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा संपत्ति मानी जाने वाली जगह पर इजरायल के हमले का समर्थन नहीं करते हैं। ट्रंप ने कहा कि मैनें इजरायल से ऐसा न करने के लिए कहा था। इजरायल द्वारा गैस क्षेत्र पर किए गए हमले ने ईरान के जवाबी हमलों को जन्म दिया है। जिसके कारण वैश्विक ऊर्जा की कीमतें और अधिक बढ़ गईं हैं। ईरान की जवाबी कार्रवाई को रोकने के लिए खाड़ी देशों ने ट्रंप ने नेतन्याहू पर लगाम लगाने का आग्रह किया। ओवल ऑफिस में जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के साथ हुई बैठक के दौरान नेतन्याहू के फैसले के बारे में कहा, मैंने उनसे कहा, ऐसा मत करो। हमारा तालमेल बहुत अच्छा है। सब कुछ समन्वित है, लेकिन कभी-कभी वह कुछ ऐसा कर देते हैं जो मुझे पसंद नहीं आता। और अगर मुझे वह पसंद नहीं आता, तो हम अब ऐसा नहीं करते। हालांकि, इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ट्रंप के साथ चल रहे मतभेद वाली बात को नकार दिया और कहा कि इजरायल ने ईरान के गैस क्षेत्र पर आगे के हमलों से बचने के लिए ट्रंप के अनुरोध को मान लिया है।

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